नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है। शांति के लिए वार्ता फिर से शुरू की जानी चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय नौवहन अधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान करने की अपील की है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट भी शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, ”मिडिल ईस्ट में संकट का कोई मिलिट्री हल नहीं है। सीरियस बातचीत फिर से शुरू होनी चाहिए। सीजफायर को बनाए रखना चाहिए और जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाना चाहिए। इंटरनेशनल नेविगेशनल अधिकारों और आजादी का सभी पार्टियों को सम्मान करना चाहिए।”
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के प्रवक्ता स्टेफान दुजारिक ने कहा कि अमेरिका और ईरान दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद हैं, इसलिए कोई समझौता तुरंत नहीं हो सकता। ऐसे में बातचीत को जारी रखना जरूरी है, ताकि धीरे-धीरे समाधान निकल सके। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि कई हफ्तों से चल रही तबाही और तनाव के बाद अब यह साफ हो गया है कि इस संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं है।
प्रवक्ता ने बताया कि इस जलडमरूमध्य से समुद्री व्यापार में रुकावट आने का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही है और कई क्षेत्रों में असुरक्षा बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि उर्वरक और उसके कच्चे माल की आपूर्ति में आई रुकावटों के कारण दुनिया भर में लाखों कमजोर लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा का संकट और भी गहरा गया है; इसके अलावा, ईंधन, परिवहन और आपूर्ति शृंखला में आई बाधाओं के चलते जीवन-यापन की लागत भी लगातार बढ़ती जा रही है।
शांति के प्रयास में सभी देश लगे हुए हैं। शांति और होर्मुज स्ट्रेट को स्थिर के लिए फ्रांस और ब्रिटेन की अगुवाई में आयोजित की जा रही बहुपक्षीय बैठक में अब दक्षिण कोरिया ने भी शामिल होने की बात कही है।
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर होने वाली आगामी वर्चुअल बैठक इस महीने की शुरुआत में यूनाइटेड किंगडम की अगुवाई में 40 से अधिक देशों के मंत्रियों की बैठक का अगला चरण मानी जा रही है। उस बैठक में उस अहम समुद्री चोकपॉइंट पर चर्चा हुई थी, जहां हजारों जहाज और उनके चालक दल फंसे हुए हैं।
दक्षिण कोरिया के उप विदेश मंत्री चुंग ई-हे इस ऑनलाइन बैठक में हिस्सा लेंगे, जिसकी संयुक्त अगुवाई यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस करेंगे।
–आईएएनएस
एवाई/डीएससी
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