Middle East में हुई बड़ी छेड़छाड़! Israel की इस हरकत से मची खलबली

Summary :

Middle East में बेहद ही हलचल देखी जा रही है. वहीं गाजा पट्टी में इस समय हालात बहुत खराब हो चुके हैं। लोगों के पास न तो खाना है, न दवाई, और न ही सुरक्षित जगह। भुखमरी की नौबत आ चुकी है। दुनिया के कई देश, जैसे फ्रांस और कनाडा, फिलिस्तीन को एक आज़ाद राष्ट्र मानने की बात कर चुके हैं और Israel पर युद्ध रोकने का दबाव भी बन रहा है। वहीं दूसरी ओर, इजराइल और हमास के बीच संघर्ष विराम (सीजफायर) को लेकर बातचीत चल रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन सबके बीच, israel के प्रधानमंत्री बेंजामिन…

Middle East में बेहद ही हलचल देखी जा रही है. वहीं गाजा पट्टी में इस समय हालात बहुत खराब हो चुके हैं। लोगों के पास न तो खाना है, न दवाई, और न ही सुरक्षित जगह। भुखमरी की नौबत आ चुकी है। दुनिया के कई देश, जैसे फ्रांस और कनाडा, फिलिस्तीन को एक आज़ाद राष्ट्र मानने की बात कर चुके हैं और Israel पर युद्ध रोकने का दबाव भी बन रहा है। वहीं दूसरी ओर, इजराइल और हमास के बीच संघर्ष विराम (सीजफायर) को लेकर बातचीत चल रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन सबके बीच, israel के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा सैन्य फैसला लिया है। उन्होंने गाजा पट्टी में मिस्र की सीमा तक पूरी तरह से सैन्य नियंत्रण की अनुमति दे दी है। इससे ये साफ हो गया है कि फिलहाल इजराइल पीछे हटने के मूड में नहीं है।

Israel की अन्य सीमाओं पर भी विस्तार

Israel का ध्यान केवल गाज़ा तक सीमित नहीं है। बीते एक साल में उसने दो और देशों की सीमाओं में घुसपैठ कर ली है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी निंदा हो रही है।

1. सीरिया में ‘बफर ज़ोन’ बनाना

रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2024 से Israel ने सीरिया के दक्षिणी हिस्से में लगभग 400 किलोमीटर का इलाका ‘बफर ज़ोन’ के रूप में घोषित कर दिया है। यह इलाका Israel की सीमा से सटा हुआ है। सीरिया सरकार इस क्षेत्र पर दोबारा नियंत्रण पाने में नाकाम रही है। यहां इजराइली सेना तैनात है और लगातार गश्त कर रही है। इजराइल इस कदम को अपनी सुरक्षा नीति का हिस्सा बता रहा है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन है।

2. लेबनान सीमा में 5 किलोमीटर तक प्रवेश

हिजबुल्लाह के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत इजराइली सेना ने लेबनान की सीमा के अंदर करीब 5 किलोमीटर तक घुसपैठ की है। वहां फौजें तैनात हैं और आम नागरिकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इजराइल का कहना है कि यह कदम आत्मरक्षा के लिए उठाया गया है, लेकिन लेबनान इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन मान रहा है।

3. वेस्ट बैंक और गाजा में बढ़ता दबाव

Israel ने फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक और गाज़ा में भी लगभग 12 किलोमीटर तक का क्षेत्र अपने नियंत्रण में ले लिया है। वेस्ट बैंक के कई गांवों में फिलिस्तीनी लोगों को पीछे हटना पड़ा है और नई यहूदी बस्तियों का निर्माण तेज़ी से हो रहा है। गाज़ा पर भी अब तक का सबसे बड़ा सैन्य दबाव देखा जा रहा है।

Israel के क्षेत्र में इजाफा

2023 में जब गाजा युद्ध शुरू हुआ था, तब Israel का कुल क्षेत्रफल लगभग 22,000 वर्ग किलोमीटर था। लेकिन अब तक के सैन्य अभियानों के बाद इजराइल ने लगभग 420 वर्ग किलोमीटर नया क्षेत्र अपने कब्जे में ले लिया है। हालांकि यह कब्जा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नहीं है, लेकिन वहां इजराइली सेना की मज़बूत मौजूदगी बनी हुई है।

Bangladesh में एक साल बाद फिर फैली हिंसा, पूर्व आर्मी चीफ हारुन की हुई मौत

Bangladesh में एक बार फिर हिंसा के बादल छा गए हैं.  पूर्व पीएम शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के एक साल बीत जाने के बाद  हाल ही में पूर्व सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) एम. हारुन-अर-रशीद की रहस्यमयी मौत ने सभी को चौंका दिया है। उनका शव चटगांव क्लब के एक कमरे से बरामद हुआ, जिससे मामले ने और भी सनसनीखेज रूप ले लिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोतवाली थाना के प्रभारी अधिकारी अब्दुल करीम ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस को घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) के अधिकारी भी वहां पहुंचे।

किसने की मौत की पुष्टि ?

रिपोर्ट के अनुसार, 77 वर्षीय पूर्व सेना प्रमुख एम. हारुन-अर-रशीद रविवार को एक अदालती सुनवाई के लिए Bangladesh की राजधानी ढाका से चटगांव पहुंचे थे। जब वे तय समय पर कोर्ट नहीं पहुंचे और न ही किसी का फोन उठाया, तो क्लब के कर्मचारियों ने उनके कमरे की जांच की।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।