पाकिस्तान ने अपने कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के 30 किलोमीटर अंदर एक जगह पर लगभग दो हजार सैनिकों को तैनात किया है। यह जानकारी भारतीय सेना के सूत्रों ने दी। जानकारी के अनुसार, पीओके में जवानों को बाग और कोटली सेक्टर में रखा गया है।
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘जवानों को तैनात करने संबंधी यह गतिविधि भारत के साथ बढ़े तनाव के मद्देनजर पाकिस्तान का एक रक्षात्मक कदम हो सकता है। स्थानीय इनपुट सहित विभिन्न खुफिया स्रोतों के माध्यम से जवानों की तैनाती व स्थान की पुष्टि हुई है।’
सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान में सेना के आवागमन पर कड़ी नजर रख रहा हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि इससे भारत के लिए तत्काल कोई खतरा तो नहीं है।
पाकिस्तानी सेना के इस कदम का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को भारत द्वारा निरस्त किए जाने के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा होने की बात कही है।
पाकिस्तान ने घाटी में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कश्मीरियों के साथ खड़े होने का वादा किया है।
दूसरी ओर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी है कि भारत अपनी रक्षा के लिए अपनी सैन्य ताकत का उपयोग करने से नहीं कतराएगा। उन्होंने भारत की पहले उपयोग नहीं करने वाली परमाणु नीति के संबंध में कहा था कि यह बात भविष्य की परिस्थितियों के अधीन है।
भारतीय सेना के सूत्रों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हाल ही में पकड़े गए दो लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के कबूलनामे से पता चला है कि लगभग 300 प्रशिक्षित आतंकवादी पाकिस्तान से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए तैयार किए हैं।


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