पाकिस्तान की इमरान सरकार बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, शोषण और दुष्कर्म जैसी घटना पर काबू पाने के लिए कानून लाने वाली है। मुख्यमंत्री इमरान खान ने घोषणा की है कि उनकी सरकार जल्द ही इस तरह के अपराधों पर दंडात्मक सजा देने के लिए एक तीन स्तरीय कानून पेश करेगी।
डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान ने वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स से संबंधित कई विधेयकों के पारित होने के बाद संसद की संयुक्त बैठक में यह घोषणा की। लाहौर-सियालकोट के मोटर मार्ग पर 9 सितंबर को हुए सामूहिक दुष्कर्म का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “ऐसी घटनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों का जीवन बर्बाद कर देती हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में मुख्य संदिग्ध एक ‘हिस्ट्री-शीटर’ था। वैश्विक आंकड़े बताते हैं कि ऐसे अपराधी बार-बार अपराध करते हैं और इसलिए उनका डेटा रखना महत्वपूर्ण है। खान ने कहा भी कि कानून में यौन अपराधियों के पंजीकरण और प्रभावी पुलिसिंग के प्रावधान भी होंगे।
उन्होंने स्वीकार किया कि देश में ऐसे मामलों के केवल बहुत कम प्रतिशत ही पुलिस में दर्ज हो पाते हैं। उस पर दुष्कर्म और बाल दुर्व्यवहार मामलों में अपराधियों की गिरफ्तारी होने के बाद भी उचित अभियोजन और ठोस सबूतों के अभाव में भी उन्हें सजा नहीं हो पाती। यह विधेयक गवाह को सुरक्षा भी देगा।
ताजा खबरों के अनुसार आबिद अली और वकार उल हसन नाम के 2 दुष्कर्म अपराधियों की जियो-फेंसिंग और डीएनए परीक्षण के माध्यम से की गई है। इनमें से हसन को गिरफ्तार कर लिया गया है और अली को पकड़ने का प्रयास जारी है।


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