नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शवेश ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस को सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, बल्कि फिलिस्तीनियों के लिए भी बड़ा दिन बताया। राजदूत ने गाजा और वेस्ट बैंक में बिगड़ती मानवीय स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि फिलिस्तीन की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने की कगार पर है और इजरायली हमलों में सैकड़ों फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शवेश ने कहा, “भारत का स्वतंत्रता दिवस एक बड़ा दिन है, न सिर्फ भारतीय लोगों के लिए बल्कि हम फिलिस्तीनियों के लिए भी। फिलिस्तीनी लोग बहुत पहले भारत के स्वतंत्रता संघर्ष से प्रेरित थे। हम जवाहरलाल नेहरू, महान नेता महात्मा गांधी और बेशक, महान शहीद भगत सिंह से प्रेरित थे। एक दिन हम भी भारत की तरह ही आजादी हासिल करेंगे।”
उन्होंने कहा, “फिलिस्तीन में स्वास्थ्य स्थिति बहुत खराब है। फिलिस्तीन में पूरी स्वास्थ्य प्रणाली खत्म होने की कगार पर है। हजारों सर्जरी टाल दी गई हैं और हमें सैकड़ों तरह की दवाओं और मेडिकल सप्लाई की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। मैंने लगभग दो महीने पहले ही ये बात कही थी कि लगभग 11 हजार सर्जरी को पहले ही स्थगित की गई है।”
जब पूछा गया कि मिडिल ईस्ट पीस प्रोसेस के लिए यूएन के डिप्टी स्पेशल कोऑर्डिनेटर ने दो दिन पहले अपनी ब्रीफिंग में क्या चेतावनी दी थी, तो अब्दुल्ला अबू शवेश ने कहा, “उन्होंने एक बहुत जरूरी मुद्दे का जिक्र किया। वह इस बारे में बात कर सकते हैं कि फिलिस्तीन में क्या हुआ और क्या हो सकता है, खासकर वेस्ट बैंक में क्या हो रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत को बदलने के लिए, राजनीतिक कार्रवाई की जरूरत है।”
जब पूछा गया कि 2026 में अब तक कितने फिलिस्तीनी इजरायली सेना या बसने वालों ने मारे हैं, तो उन्होंने कहा, “सैकड़ों फिलिस्तीनी मारे गए हैं, चाहे गाजा में हों या वेस्ट बैंक में। यह एक से ज्यादा आंकड़े हैं, लेकिन मैं आपको यकीन दिला सकता हूं कि सैकड़ों फिलिस्तीनी यहूदी और इजरायली सेना के हाथों मारे गए हैं।”
राजदूत ने कहा, “मैं आपको यकीन दिला सकता हूं कि फिलिस्तीन में जो हुआ है, उसे पूरी तरह से कवर करने में हमें दस से भी ज्यादा घंटे लगेंगे। लेकिन, लंबी कहानी को छोटा करते हुए, भले ही गाजा में सीजफायर होना चाहिए, लेकिन हालात बहुत मुश्किल बने हुए हैं। वेस्ट बैंक में, फिलिस्तीनी लोग हर दिन यहूदियों के दर्जनों हमले झेल रहे हैं। जब हम ‘आतंकी हमला’ कहते हैं, तो यह वही शब्द है जिसका इस्तेमाल इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने भी किया है। इसलिए, वेस्ट बैंक में भी, जहां कोई हमास नहीं है और कोई जंग नहीं है, हम कट्टरपंथी यहूदियों और इजरायली सेना के हाथों रोजाना हमले का सामना कर रहे हैं। गाजा पट्टी में, कोई असली सीजफायर नहीं है। कई बच्चे मारे गए हैं।”
–आईएएनएस
केके/एबीएम
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