जिबूती सिटी : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जिबूती और इथियोपिया की अपनी चार दिन की यात्रा के पहले चरण में आज यहां पहुंचे। यह राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा है। जिबूती की यात्रा करने वाले पहले भारतीय नेता कोविंद की अगवानी यहां हवाई अड्डे पर जिबूती के प्रधानमंत्री कामिल मोहम्मद ने की।
विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्वी और दक्षिण अफ्रीका) नीना मल्होत्रा ने पहले बताया था कि राष्ट्रपति दोनों अफ्रीकी देशों की अपनी यात्रा के दौरान विदेश कार्यालय परामर्श तथा इथियोपिया के साथ वृहद आर्थिक सहयोग को संस्थागत बनाने से संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा कि जिबूती हिंद महासागर क्षेत्र का महत्वपूर्ण साझेदार देश है जिसके साथ 2016-17 में भारत का द्विपक्षीय कारोबार 28.4 करोड़ डॉलर का रहा।
मलिक ने कहा, राष्ट्रपति इस यात्रा को लेकर आशान्वित हैं। वह मानते हैं कि अफ्रीका और हिंद महासागर क्षेत्र भारतीय विदेश नीति के केंद्रबिंदु में हैं। इसलिए उनकी पहली विदेश यात्रा के लिए इस क्षेत्र को चुना गया। भारत ने जिबूती को 4.9 करोड़ डॉलर की रिण सहायता दी है जो मुख्य रूप से एक सीमेंट संयंत्र बनाने के लिए दी गयी है। कोविंद की इथियोपिया यात्रा 45 साल में किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली यात्रा है। इससे पहले 1972 में तत्कालीन राष्ट्रपति वी वी गिरि वहां गये थे। इथियोपिया के साथ 2016 में भारत का द्विपक्षीय व्यापार करीब एक अरब डॉलर का रहा था। राष्ट्रपति दोनों ही देशों में भारतवंशी समुदाय के सदस्यों के साथ भी बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति की यात्रा चीन की पीएलए के सैनिकों द्वारा पिछले महीने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिबूती में उनके बेस पर पांच सैन्य अभ्यास करने की पृष्ठभूमि में हो रही है।


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