ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की स्कॉटलैंड से लंदन की अंतिम यात्रा शुरू हो गई हैं जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। महारानी का ताबूत मंगलवार को एडिनबरा कैथड्रल से लंदन ले जाया जा रहा है।
उनके बेटे और ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय उत्तरी आयरलैंड से लंदन के लिए रवाना हो गए हैं। उनकी उत्तरी आयरलैंड की यात्रा के समय क्षेत्र के नेताओं के बीच एकजुटता देखने को मिली जो अन्यथा ब्रिटिश और आयरिश पहचान और शाही परिवार के मुद्दे पर गहरे तक विभाजित नजर आते हैं।
बैगपाइपर की शोक धुनों के बीच ध्वज में लिपटे महारानी के ताबूत को कैथड्रल से बाहर लाया गया और इस दौरान एडिनबरा में हवाई अड्डे के रास्ते के दोनों ओर कतार में खड़े लोग अपनी महारानी को अंतिम विदाई देते नजर आए। ताबूत को हवाई अड्डे पर ले जाते समय महारानी की बेटी प्रिंसेस एनी भी पीछे वाहन में थीं।
इससे पहले करीब 24 घंटे तक महारानी के ताबूत को कैथड्रल में लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था जहां पर हजारों की संख्या में लोगों ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। महारानी का गत बृहस्पतिवार को 96 साल की उम्र में बाल्मोरल एस्टेट में निधन हो गया था। वह 70 साल से ब्रिटेन में शासन कर रही थीं।
महाराजा चार्ल्स तृतीय अपनी मां के ताबूत की आगवानी करने के लिए बेलफास्ट से लंदन पहुंच चुके हैं, जहां बकिंघम पैलेस में पूरी रात ताबूत को रखा जाएगा।
महारानी के ताबूत को बुधवार को संसद भवन ले जाया जाएगा, जहां उसे चार दिन रखा जाएगा। महारानी का अंतिम संस्कार सोमवार को होगा।
इससे पहले महारानी के निधन पर शाही परिवार के प्रति प्रेम को व्यक्त करने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग बेलफास्ट स्थित शाही परिवार के आधिकारिक आवास हिल्सबरा कैसल के नजदीक कतारों में नजर आए।
कैसल के दरवाजे पर महारानी को श्रद्धांजलि देने के लिए फूलों की चादर जैसी बिछी है। चार्ल्स और उनकी पत्नी कैमिला भीड़ का अभिवादन करने के लिए कुछ समय के लिए कार से उतरे और बच्चों सहित वहां मौजूद लोगों से मिले।


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