नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी गैस संयंत्र में हुए धमाके ने 12 भारतीय नागरिकों की जान ले ली। भारत ने दुर्घटना पर गहरा शोक जताते हुए कहा कि स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से पार्थिव शरीर को भारत लाने का प्रयास किया जा रहा है।
मंगलवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “12 भारतीय नागरिकों की मौत बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस हादसे में कई अन्य देशों के लोगों की भी मौत हुई, लेकिन रास लाफान में हुए धमाके में हमारे देश के 12 लोगों की जान चली गई। कई अन्य लोग घायल भी हुए हैं।”
उन्होंने इस हादसे में घायल हुए लोगों का जिक्र करते हुए आगे बताया, “अलग-अलग देशों के लगभग 66 लोग घायल हुए हैं। हमें ठीक-ठीक नहीं पता कि उनमें से कितने भारतीय नागरिक हैं, लेकिन घायल हुए सभी लोग सुरक्षित हैं। हम पार्थिव शरीर की पहचान करने और उन्हें भारत लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों से बात कर रहे हैं। साथ ही हम इस बेहद दुखद घटना में जान गंवाने वालों के परिवारों के संपर्क में भी हैं।”
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “रास लाफान में हुए विस्फोट में भारतीय नागरिकों सहित कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर से अत्यंत दुखी हूं।”
कतर एनर्जी के अनुसार, इस हादसे में कुल 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं, जबकि घायलों में कतर, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, केन्या, घाना, तंजानिया, नाइजीरिया और नेपाल के नागरिक शामिल हैं।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह घटना एक तकनीकी खराबी के कारण हुई एक औद्योगिक दुर्घटना थी।
कतर के गृह मंत्रालय ने भी कहा कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि यह विस्फोट संचालन के दौरान तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुआ। मंत्रालय ने यह भी पुष्टि की कि किसी भी प्रकार का गैस रिसाव नहीं हुआ है जो आसपास के क्षेत्र के लिए खतरा पैदा करे।
अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और फिलहाल आगे की जांच जारी है।
–आईएएनएस
केआर/
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