राष्ट्रपति ट्रंप ने ताश के पत्ते लिए तस्वीर की पोस्ट, लिखा- खेल मेरे हाथ में

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वाशिंगटन, 2 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक ऐसी तस्वीर पोस्ट की जो उनके बेबाक अंदाज को जाहिर करती है। उनके हाथ में ताश के पत्ते हैं जिसका मैसेज उनके इरादों का संकेत देता है। ट्रंप ने शनिवार को एक के बाद एक कई पोस्ट्स की। इनमें कुछ तस्वीरें हैं, जिनमें अमेरिका के पुराने और अब नए दिनों की झलक है। ट्रंप बताना चाहते हैं कि अमेरिका का वर्तमान गुजरे वक्त से ज्यादा बेहतरीन है। उन्होंने दो तस्वीरों के कोलाज के साथ लिखा, ‘ ट्रंप के आने से पहले और बाद का अमेरिका।’ इसमें लिंकन…

वाशिंगटन, 2 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक ऐसी तस्वीर पोस्ट की जो उनके बेबाक अंदाज को जाहिर करती है। उनके हाथ में ताश के पत्ते हैं जिसका मैसेज उनके इरादों का संकेत देता है।

ट्रंप ने शनिवार को एक के बाद एक कई पोस्ट्स की। इनमें कुछ तस्वीरें हैं, जिनमें अमेरिका के पुराने और अब नए दिनों की झलक है। ट्रंप बताना चाहते हैं कि अमेरिका का वर्तमान गुजरे वक्त से ज्यादा बेहतरीन है। उन्होंने दो तस्वीरों के कोलाज के साथ लिखा, ‘ ट्रंप के आने से पहले और बाद का अमेरिका।’ इसमें लिंकन मेमोरियल के पूल की तस्वीर है। जिसमें ओबामा दौर में गंदगी तो ट्रंप दौर में सफाई का दावा किया गया है।

इसके अलावा, माउंट रशमोर की तस्वीर पोस्ट की है। पहले भी वो ऐसा कर चुके हैं। माउंट रशमोर के प्रति डोनाल्ड ट्रंप का लगाव जगजाहिर है। कई मौकों पर वो साउथ डकोटा के ब्लैक हिल्स में स्थित इस ऐतिहासिक मूर्ति का हिस्सा बनने की अपनी मंशा और इच्छा जाहिर कर चुके हैं; इस मूर्ति में उनके चार पूर्ववर्तियों—जॉर्ज वॉशिंगटन, थॉमस जेफरसन, थियोडोर रूजवेल्ट और अब्राहम लिंकन—के चेहरे उकेरे गए हैं।

इन सबमें से सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली तस्वीर वो है जिसमें ट्रंप हाथ में ताश के पत्ते लिए खड़े हैं। 6 पत्ते हैं, जिनमें से हरेक पर ‘वाइल्ड’ लिखा हुआ है। इसके साथ ही कैप्शन के जरिए ये बताने की कोशिश की जा रही है कि राष्ट्रपति ट्रंप की स्थिति मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कैप्शन में लिखा है, “आई हैव ऑल द कार्ड्स,” यानी कि वे मजबूत हालत में हैं और खेल उनके हाथ में है।

पूरी दुनिया ईरान संघर्ष के स्थाई समाधान को लेकर चिंतित है। ट्रंप की ओर सबकी निगाहें हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति भी लगातार कह रहे हैं कि शांति के इच्छुक हैं लेकिन सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी अभी खुला है। वहीं नाटो से नाराजगी का इजहार भी वो करते रहे हैं। आरोप लगाते रहे हैं कि ईरान संघर्ष में इन देशों ने उनकी मदद नहीं की।

इस बीच जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की अमेरिका के हमले को लेकर की गई टिप्पणी भी ट्रंप को खल गई है। इसके बाद ही अमेरिकी मीडिया के हवाले से कहा जा रहा है कि जर्मनी से अमेरिका की सैन्य टुकड़ियों को हटाया जाने की योजना बनाई जा रही है।

–आईएएनएस

केआर/

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