बीजिंग, 13 अगस्त (आईएएनएस)। 15 अगस्त को राष्ट्रीय पारिस्थितिकी दिवस है, जो चीन की पारिस्थितिक सभ्यता के निर्माण को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण खिड़की है और यह दुनिया को चीन की वैश्विक पर्यावरणीय शासन में भागीदारी और मानव व प्रकृति के सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के प्रयासों को समझने के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण भी प्रदान करता है।
आज वैश्विक जलवायु परिवर्तन की समस्या बढ़ रही है, जैव विविधता में तेजी से गिरावट आ रही है और पारिस्थितिकीय क्षरण की समस्या गंभीर है। ऐसे में चीन द्वारा लगातार क्रियान्वित किए जा रहे हरित कार्य और मापनीय पारिस्थितिकीय परिणाम वैश्विक सतत विकास को स्थिर गति प्रदान कर रहे हैं।
वर्षों से, चीन ने दीर्घकालिक निवेश और वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से अपनी पारिस्थितिकीय प्रणाली में व्यवस्थित सुधार किया है, और कई उपलब्धियां वैश्विक स्तर पर अग्रणी रही हैं। कभी रेगिस्तानी धरती वाला साएहाएपा, दशकों के कृत्रिम वनीकरण के बाद, 11.5 लाख म्यू (लगभग 76,667 हेक्टेयर) से अधिक के कृत्रिम वन क्षेत्र में बदल गया है, जो प्रतिवर्ष 8.6 लाख टन से अधिक कार्बन का अवशोषण करता है। इसे संयुक्त राष्ट्र का ‘पृथ्वी चैंपियन अवॉर्ड’ मिला है, और यह वैश्विक पारिस्थितिकीय बहाली का एक मानक उदाहरण बन गया है।
आंकड़े बताते हैं कि चीन की वन आवरण दर 25 फीसदी से अधिक हो गई है, और उसने वैश्विक स्तर पर नए हरित क्षेत्र का एक-चौथाई योगदान दिया है, जो वैश्विक वनस्पति पुनर्प्राप्ति में सबसे तेजी से बढ़ने वाले देशों में से एक है।
जलक्षेत्र प्रबंधन और जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में भी चीन के अभ्यास उल्लेखनीय रूप से प्रभावी रहे हैं। यांग्त्जी नदी में मछली पकड़ने पर दस वर्ष का प्रतिबंध लागू होने के बाद से, यांग्त्जी नदी की मुख्य धारा का जल गुणवत्ता मानक लगातार पांच वर्षों से श्रेणी II के अच्छे स्तर पर स्थिर है, और अत्यंत लुप्तप्राय यांग्त्जी डॉल्फिन कई स्थानों पर फिर से दिखाई दी हैं।
वर्तमान में चीन में 90 फीसदी से अधिक स्थलीय पारिस्थितिकीय प्रणालियों और 74 फीसदी प्रमुख वन्यजीव प्रजातियों की प्रभावी ढंग से रक्षा की जाती है और पारिस्थितिकीय सुरक्षा बाधा लगातार मजबूत हो रही है।
इसके इलावा, चीन हमेशा खुले रुख के साथ वैश्विक पारिस्थितिकीय शासन में भाग लेता है और उसका नेतृत्व करता है। जैव विविधता पर कन्वेंशन (कॉप15) के अध्यक्ष देश के रूप में, चीन ने सभी पक्षों को ऐतिहासिक ‘खुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क’ को अपनाने के लिए प्रेरित किया, जो वैश्विक जैव संरक्षण के लिए एक कार्य योजना तैयार करता है, और इसने 1.5 अरब युआन का खुनमिंग जैव विविधता कोष स्थापित किया, जो विकासशील देशों को पारिस्थितिकीय बहाली के कार्यों में सहायता प्रदान करता है।
वहीं, कुबुकी रेगिस्तानी प्रबंधन जैसे परिष्कृत मॉडलों की प्रौद्योगिकी और अनुभव को पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात किया जा चुका है, जो वैश्विक मरुस्थलीकृत क्षेत्रों के लिए दोहराए जाने योग्य और विस्तारणीय चीनी समाधान प्रदान करता है। हरित ‘बेल्ट एंड रोड’ सहयोग मंच के माध्यम से, चीन लगातार कम-कार्बन प्रौद्योगिकियों और पारिस्थितिकीय प्रबंधन अनुभवों को साझा करता है, और कई देशों को हरित परिवर्तन में सहायता करता है।
पारिस्थितिकीय संरक्षण संपूर्ण मानवता का साझा कार्य है। राष्ट्रीय पारिस्थितिकी दिवस एक बार फिर पुष्टि करता है कि विकास और संरक्षण एक साथ चल सकते हैं, और आर्थिक विकास तथा पारिस्थितिक सभ्यता का संयुक्त लाभ संभव है। भविष्य में, चीन हरित विकास पथ पर चलना जारी रखेगा, साथ ही ठोस पारिस्थितिकीय परिणामों और खुले सहयोग के जरिए दुनिया के सभी देशों के साथ मिलकर पृथ्वी की रक्षा करेगा और वैश्विक पारिस्थितिकीय शासन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
–आईएएनएस
एबीएम/
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