सैन्य टकराव से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता : प्रधानमंत्री मोदी

Summary :

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि सैन्य टकराव से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक स्थिर, टिकाऊ और स्थायी शांति का समर्थन करते हैं। पीएम मोदी में कहा, “चांसलर स्टॉकर, आपकी पहली भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूं। हमें बहुत खुशी है कि आपने यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा…

नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि सैन्य टकराव से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक स्थिर, टिकाऊ और स्थायी शांति का समर्थन करते हैं।

पीएम मोदी में कहा, “चांसलर स्टॉकर, आपकी पहली भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूं। हमें बहुत खुशी है कि आपने यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। ये आपके विजन और भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चार दशकों के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है। चांसलर स्टॉकर की इस यात्रा से भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए कालखंड में ले जाया जा रहा है।”

पीएम मोदी ने कहा कि अवसंरचना, नवाचार और स्थिरता में भारत और ऑस्ट्रिया भरोसेमंद साझेदार रहे हैं। दिल्ली मेट्रो हो या हिमालय पर 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बना अटल टनल, ऑस्ट्रिया की सुरंग निर्माण विशेषज्ञता ने अपनी मजबूत छाप छोड़ी है। इतना ही नहीं, रेलवे प्रोजेक्ट्स से लेकर गुजरात के गिरनार रोपवे तक, क्लीन एनर्जी से लेकर अर्बन डेवलपमेंट तक, भारत के कई इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में ऑस्ट्रियन कंपनियां सक्रिय भागीदार रही हैं।

उन्होंने कहा कि चांसलर स्टॉकर की यह यात्रा ट्रेड और इनवेस्टमेंट में नई ऊर्जा लाएगी। मुझे खुशी है कि वे बड़े विजन और एक बड़े बिजनेस डेलिगेशन के साथ भारत आए हैं। भारत की स्पीड और स्केल को जोड़कर पूरी दुनिया के लिए विश्वसनीय तकनीक और सप्लाई चेन सुनिश्चित करेंगे। हम डिफेंस, सेमीकंडक्टर, क्वांटम और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में भी अपनी साझेदारी को सुदृढ़ करेंगे। साथ ही, हम इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। आईआईटी दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मोंटान यूनिवर्सिटी के बीच आज साइन किया जा रहा एमओयू इस नॉलेज एक्सचेंज का एक उज्ज्वल उदाहरण है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत का टैलेंट, ऑस्ट्रिया की इनोवेशन और प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने की क्षमता रखता है। 2023 में हमने ऑस्ट्रिया के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट किया था। अब इस एग्रीमेंट के अंतर्गत, हम नर्सिंग सेक्टर में भी मोबिलिटी को आगे बढ़ाएंगे। हम जॉइन्ट रिसर्च और स्टार्टअप सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। यूथ एक्सचेंज को प्रमोट करने के लिए, हम आज भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम भी लॉन्च कर रहे हैं।

बता दें कि एक ऐसा समझौता है जिसके तहत भारत और ऑस्ट्रिया के युवा एक-दूसरे के देश में कुछ समय के लिए रहकर काम और यात्रा दोनों कर सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरा विश्व एक बहुत ही गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है और इसका प्रभाव हम सभी पर पड़ रहा है। ऐसे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और ऑस्ट्रिया हम एकमत हैं कि सैन्य टकराव से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक स्टेबेल, सस्टेनबल और स्थायी शांति का समर्थन करते हैं। हम इस बात पर भी एकमत हैं कि बढ़ते ग्लोबल चुनौतियों के समाधान के लिए ग्लोबल इंस्टीट्यूशन का रिफॉर्म अनिवार्य है और आतंकवाद को जड़ से मिटाना हमारी साझी प्रतिबद्धता है। 2024 में मेरी ऑस्ट्रिया की यात्रा भी चार दशकों बाद हुई थी। उस विजिट के बाद आज ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर का भारत में स्वागत करना हमारे लिए बहुत गर्व और खुशी की बात है।

–आईएएनएस

एसके/वीसी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.