सोफिया, 10 जून (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुल्गारिया की राजधानी सोफिया स्थित नेशनल हिस्टोरिकल म्यूजियम का दौरा किया। उन्होंने वहां संरक्षित ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखा और इसे समर्पण की मिसाल बताया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने संग्रहालय भ्रमण की तस्वीरें और विरासत को सहेजने की कला को सराहा।
संग्रहालय भ्रमण के दौरान जयशंकर ने हजारों वर्षों के इतिहास को समेटे दुर्लभ पुरावशेषों और ऐतिहासिक वस्तुओं का अवलोकन किया। उन्होंने संग्रहालय के व्यापक संग्रह की सराहना करते हुए कहा कि इससे बुल्गारिया के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है।
एक्स पर विदेश मंत्री ने कहा कि संग्रहालय में संरक्षित विरासत को देखकर उन्हें इस बात का और गहरा एहसास हुआ कि बुल्गारिया ने अपने इतिहास और संस्कृति के विभिन्न आयामों को कितनी सावधानी और समर्पण के साथ संरक्षित किया है।
उन्होंने बुल्गारिया द्वारा अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी संस्थाएं आने वाली पीढ़ियों को अपने अतीत से जोड़ने और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
बुल्गारिया का ये संग्रहालय देश का सबसे बड़ा और बाल्कन क्षेत्र के सबसे समृद्ध संग्रहालयों में से एक माना जाता है। यह सोफिया के बोयाना जिले में मौजूद है, जिसमें प्रागैतिहासिक काल से लेकर आधुनिक युग तक के मानव इतिहास को समेटा गया है।
आधिकारिक साइट के अनुसार, 1973 में स्थापित इस संग्रहालय में 6,50,000 से अधिक कलाकृतियां, सिक्के, थ्रेसियन सोने-चांदी के खजाने, प्राचीन मोजेक और ऐतिहासिक हथियार संरक्षित हैं। यह मुख्य शहर से 10 किमी दूर बोयाना में पूर्व कम्युनिस्ट सरकारी निवास की भव्य इमारत में स्थित है। यहां विश्व प्रसिद्ध पानाग्युरिश्टे गोल्ड ट्रेजर और विला आर्मिरा के मोजेक मुख्य आकर्षण हैं।
विदेश मंत्री ने दूसरी एक्स पोस्ट में कुछ खास लोगों से मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, “भारत के मित्रों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख बुल्गारियाई व्यक्तित्वों से मिला।” इस दौरान भारत और बुल्गारिया के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर सार्थक चर्चा हुई।
जयशंकर ने कहा कि बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, गतिशीलता (मोबिलिटी) और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने के उपायों पर उपयोगी विचार-विमर्श हुआ।
उन्होंने कहा कि भारत और बुल्गारिया के संबंध केवल कूटनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच भी मजबूत जुड़ाव है। इस रिश्ते को और गहरा करने के लिए शिक्षा, संस्कृति, व्यापार, निवेश और युवाओं के आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं पर चर्चा की गई।
–आईएएनएस
केआर/
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