नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के 6 एलपीजी जहाज रवानगी को तैयार हैं। भारत सरकार घरेलू और वैश्विक स्तर पर बातचीत के जरिए समस्याओं को हल करने की कोशिश कर रही है। पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में इसकी जानकारी दी गई।
मंगलवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री और श्रीलंका के विदेश मंत्री से बातचीत कर क्षेत्र की स्थिति, उसके वैश्विक आर्थिक प्रभाव और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की। इस दौरान भारत ने ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘मिशन सागर’ को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और नई दिल्ली में खाड़ी देशों के राजदूतों के साथ भी हालात पर विचार-विमर्श किया।
ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी सरकार ने स्थिति साफ की है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर चल रही हैं और कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सभी रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है।
अफवाहों के चलते हुई ‘पैनिक बाइंग’ पर अब नियंत्रण पा लिया गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। साथ ही पीएनजी कनेक्शन के विस्तार को तेज किया गया है और जरूरी संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी बढ़ाई गई है। जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है।
समुद्री सुरक्षा को लेकर भी स्थिति सामान्य बनी हुई है। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव राजेश सिन्हा ने जानकारी दी कि खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में कोई भी समुद्री घटना सामने नहीं आई है। रणनीतिक रूप से अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते हुए दो भारतीय एलपीजी वाहक जहाज—पाइन गैस और जग वसंत—सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें से एक जहाज 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर न्यू मंगलौर पोर्ट की ओर आ रहा है, जबकि दूसरा लगभग 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी के साथ कांडला बंदरगाह पहुंचने वाला है।
वहीं, एक सवाल के जवाब में सिन्हा ने बताया कि 6 एलपीजी जहाज रवाना होने के लिए तैयार हैं और होर्मुज पार करते समय ईरान की तरफ से कोई टोल नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए कहा, इस तरह की कोई भी बात बेबुनियाद है।
–आईएएनएस
केआर/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



