जलवायु परिवर्तन संबंधी मामलों पर अमेरिका के विशेष दूत जॉन केरी ने कहा कि अमेरिका ने 450 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करने के लिए जलवायु परिवर्तन पर उसके साथ साझेदारी की है। केरी ने अमेरिकी सांसदों से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 450 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य रखा है। हमने इसी प्रतिबद्धता के कारण भारत के साथ साझेदारी की है, क्योंकि उसके पास पर्याप्त निधि और प्रौद्योगिकी नहीं है।’’
उन्होंने जलवायु परिवर्तन संबंधी मामलों पर इस सप्ताह सुनवाई के दौरान प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के सदस्यों से कहा, ‘‘इसलिए, हम उनकी मदद कर रहे हैं।’’ सांसद जोए विल्सन ने केरी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के लोगों के लिए ‘‘बेहतरीन काम’’ किया है। केरी ने कहा कि भारत द्वारा कार्बन उत्सर्जन में बड़े पैमाने पर कटौती किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के देश मिलकर जितना कार्बन उत्सर्जन करते हैं, अकेला चीन उससे भी अधिक उत्सर्जन करता है। केरी ने केहा, ‘‘यदि चीन इन प्रयासों में शामिल नहीं होता है और इनका हिस्सा नहीं बनता है, तो अमेरिका और दुनिया के शेष देश अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते।’’


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