विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने श्रीलंकाई समकक्ष जी एल पेइरिस के साथ सोमवार को व्यापक वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पेइरिस छह से आठ फरवरी तक भारत की यात्रा कर रहे हैं। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की वार्ता में मछुआरों का विवादास्पद मुद्दा भी उठने की संभावना है। मंत्रालय के मुताबिक, विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला भी सोमवार को पेइरिस से मिलेंगे।
उल्लेखीय है कि भारत ने बुधवार को श्रीलंका को पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद में मदद के लिए 50 करोड़ डॉलर की ऋण सहायता प्रदान की। श्रीलंका विदेशी मुद्रा की अत्यधिक कमी और ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। चीन और अन्य देशों के कर्ज में फंसे श्रीलंका की दशा कोविड महामारी ने और खराब कर दी। इसके चलते उसका विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 3.1 अरब डालर रह गया। एक समय ऐसा भी आ गया जब राजधानी कोलंबो की विद्युत व्यवस्था कायम रखने के लिए डीजल कम पड़ गया था और वहां अंधेरा छाने की नौबत आ गई थी।
बकाए का भुगतान न होने के कारण श्रीलंका के इकलौते तेलशोधक कारखाने में कच्चे तेल की आपूर्ति नवंबर में दो बार रुकी और कारखाने को बंद करना पड़ा। लेकिन भारत ने तत्काल मदद करके स्थिति को संभाल लिया। इसके बाद भारत ने पड़ोसी देश की लगातार आर्थिक मदद की और उसके विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती दी। मंगलवार को श्रीलंका ने भारतीय कंपनी इंडियन आयल कार्पोरेशन से 40-40 हजार मीट्रिक टन पेट्रोल और डीजल खरीदने का फैसला किया है।


Download Android App
Download iOS App



