7 साल बाद नार्थ कोरिया जाएंगे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, पश्चिमी देशों के लिए छुपा बड़ा सन्देश

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Xi Jinping North Korea Visit : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ्ते उत्तर कोरिया (North Korea) के आधिकारिक दौरे पर जा रहे हैं। चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, जिनपिंग वहां के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के न्योते पर 8 और 9 जून को मौजूद रहेंगे। कूटनीतिक लिहाज से यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि बीते सात वर्षों में यह पहला मौका है जब कोई चीनी राष्ट्रपति उत्तर कोरिया की धरती पर कदम रखेगा। वैश्विक मंच पर अपना कूटनीतिक दबदबा बढ़ाने में जुटे जिनपिंग के इस दौरे को उनकी हाई-प्रोफाइल बैठकों की कड़ी का हिस्सा माना…

Xi Jinping North Korea Visit : चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ्ते उत्तर कोरिया (North Korea) के आधिकारिक दौरे पर जा रहे हैं। चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, जिनपिंग वहां के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के न्योते पर 8 और 9 जून को मौजूद रहेंगे। कूटनीतिक लिहाज से यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि बीते सात वर्षों में यह पहला मौका है जब कोई चीनी राष्ट्रपति उत्तर कोरिया की धरती पर कदम रखेगा। वैश्विक मंच पर अपना कूटनीतिक दबदबा बढ़ाने में जुटे जिनपिंग के इस दौरे को उनकी हाई-प्रोफाइल बैठकों की कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।

साल 2026 में चीनी राष्ट्रपति की यह पहली विदेश यात्रा होगी। इससे पहले पिछले महीने ही उन्होंने बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मेजबानी की थी और उनके साथ द्विपक्षीय बातचीत की थी।

China North Korea Relations : चीन और उत्तर कोरिया के बीच का सियासी समीकरण

Xi Jinping North Korea Visit
Xi Jinping North Korea Visit (source : social media)

शी जिनपिंग और किम जोंग उन की आखिरी मुलाकात सितंबर 2025 में हुई थी। उस वक्त किम जोंग उन और व्लादिमीर पुतिन एक सैन्य परेड में शामिल होने विशिष्ट अतिथि के तौर पर बीजिंग पहुंचे थे। इससे पहले साल 2019 में जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ उत्तर कोरिया गए थे, जहां दोनों देशों ने अपनी गहरी दोस्ती का प्रदर्शन किया था। ऐतिहासिक रूप से देखें तो 2019 से पहले, साल 2005 में हू जिंताओ के दौरे के बाद लंबे समय तक किसी भी शीर्ष चीनी नेता ने उत्तर कोरिया की यात्रा नहीं की थी।

दुनियाभर के कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण उत्तर कोरिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगभग अलग-थलग पड़ चुका है। ऐसे दौर में चीन ही उसका सबसे बड़ा राजनीतिक और आर्थिक मददगार बना हुआ है। साल 2022 के आर्थिक आंकड़ों पर गौर करें तो उत्तर कोरिया का करीब 95 फीसदी व्यापार अकेले चीन के साथ होता है। यही नहीं, उत्तर कोरिया अपने कुल एक्सपोर्ट (निर्यात) का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा भी चीन को ही भेजता है।

North Korea Russia Relations : पश्चिमी देशों को बीजिंग का सीधा संदेश

Xi Jinping North Korea Visit
Xi Jinping North Korea Visit (source : social media)

अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि जिनपिंग का साल 2026 की अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए उत्तर कोरिया को चुनना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश फाउंडेशन से जुड़े सेओंग-ह्योन ली के मुताबिक, इस दौरे के जरिए चीन सीधे तौर पर पश्चिमी देशों के उस दावे को खारिज करना चाहता है, जिसमें कहा जा रहा था कि उत्तर कोरिया अब पूरी तरह रूस के पाले में जा चुका है। बीजिंग इस यात्रा से दुनिया को यह दिखाना चाहता है कि उत्तर कोरिया पर उसका प्रभाव आज भी उतना ही मजबूत है।

Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।