पटना, (संवाददाता) : जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मधेपुरा के पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा कि, “तूफान और बिन मौसम बारिश ने किसानों के फसल को बर्बाद कर दिया है। एक तरफ किसान परेशान हैं और दूसरी तरफ मजदूर और छात्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से मन की बात की। क्या वो किसानों, मजदूरों और छात्रों से बात कर उनकी समस्या का समाधान नहीं कर सकते? ये सभी मुसीबत में हैं और इन्हें तुरंत सहायता की जरूरत हैं। सरकार किसानों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करें। “पप्पू यादव अपने रविवार को अपने फेसबुक लाइव कार्यक्रम “दिल की बात” के जरिए आम जनता से रूबरू हो रहे थे।
जाप अध्यक्ष ने कहा कि, “नीतीश कुमार इजाज़त दें तो मैं तुरंत बस लेकर कोटा जाने को तैयार हूं और वहां फंसे बिहार के हर छात्र को लाने को तैयार हूं। छात्रों के लाने के बाद मैं मजदूरों को वापस बिहार लांऊगा। दूसरे राज्य अपने-अपने छात्रों को ला रहे हैं लेकिन नीतीश कुमार की पता नहीं क्या मजबूरी है।”
अररिया की घटना पर उन्होंने सवाल किया कि एएसाई को तो सस्पेंड कर दिया गया लेकिन जिला कृषि पदाधिकारी को प्रमोशन दे दिया गया। गरीब को न्याय नहीं मिला। क्या यही है सुशासन?
जाप अध्यक्ष ने तेज प्रताप यादव द्वारा किए गए सदबुद्धि यज्ञ पर चुटकी लेते हुए कहा कि, “आज विज्ञान के इस युग में यज्ञ हो रहा है। ये यज्ञ वो कर रहे है जिनके पास खुद बुद्धि नहीं है। इन्हें न जनता से मतलब है न जनता की समस्याओं से। पन्द्रह साल सरकार में रहते हुए अगर शिक्षा व्यवस्था सुधारी जाती तो आज बिहार के छात्रों को बाहर जाकर पढ़ना नहीं पड़ता।”
अंत में उन्होंने गिरती अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि, “सभी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने भारत की जीडीपी 1 फीसदी के आसपास रहने का अनुमान लगाया। लेकिन अब तक अर्थव्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई है।”


Download Android App
Download iOS App



