बिहार का एक खूंखार अपराधी लखनऊ में गिरफ़्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक़ अपराधी ‘आज़ाद हिन्द फ़ौज’ का स्वयंभू मुखिया कहलाता था तथा बिहार के सीतामढ़ी, मोतिहारी, मुजफ़्फ़रपुर तथा शिवहर जिले में सक्रीय रहता था। बतादें की आजाद हिन्द फ़ौज का संगठन एक प्रतिबंधित संगठन है। बिहार पुलिस द्वारा घोषित 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी नितेश कुमार सिंह (45) उर्फ महाराज को लखनऊ के गोमती नगर के विभूति खंड थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। शिवहर जिले के मूल निवासी, सिंह का नाम 2016 में मोतिहारी जिले के पकड़ीदयाल इलाके में एक सामूहिक हत्या में शामिल था।
आजाद हिंद फौज का गठन कर बदला लिया
एसटीएफ ने कहा कि बिहार पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, 26 अगस्त, 2016 को मोतिहारी जिले के पकड़ीदयाल थाने की सिरहा पंचायत में बाइक सवार छह लोगों ने एक घर में घुसकर अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी), एसटीएफ, विमल कुमार सिंह ने कहा कि, नीतीश ने कबूल किया कि उसने 2005 में आजाद हिंद फौज का गठन किया और अपने रिश्तेदारों की हत्या का बदला लेने के लिए माओवादी नेताओं कैलाश राम, रामचंद्र साहनी, शिवजी राम और सुनील गुप्ता की हत्या कर दी।नीतीश ने यह भी कबूल किया कि, उनकी हालिया हत्या 2019 में एक स्थानीय प्रभावशाली व्यक्ति राजेश राय ने की थी।
अपराधी की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश से मदद मांगी
अधिकारी ने कहा कि, शिवहर एसपी ने खूंखार अपराधी की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश एसटीएफ से मदद मांगी थी और उसके अनुसार एक टीम गठित की गई थी। पुलिस ने कहा कि, नितेश बिहार के विभिन्न जिलों में जघन्य अपराध के 17 मामलों में शामिल था। एसटीएफ डीएसपी ने कहा कि, उन्होंने मामले पर काम किया और पता चला कि नितेश, जो बिहार के कुछ जिलों में आतंक का प्रतीक था, अवध बस स्टेशन के पास खड़ा था और अपने कुछ साथियों का इंतजार कर रहा था। मौके पर एक टीम भेजी गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।


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