बिहार में इस साल वायु प्रदूषण के बिगड़ते हालात को देखते हुए हवा की गुणवत्ता के सुधार के लिए कार्ययोजना बनाई गई है। इसे लेकर वायु प्रदूषित करने वालों पर कठोर कारवाई करने की भी योजना बनाई गई है।पटना, मुजफ्फरपुर और गया को छोड़कर 25 जिलों में यह कार्ययोजना लागू होगी। विस्तृत कार्य योजना अगले वर्ष मई में लागू होगी।
पर्यावरण संबंधी कानून को लागू करने के लिए डाटा जरूरी
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, प्रदेश के ऐसे शहरों की मॉनिटरिंग की जा रही है जहां 100 से अधिक एक्यूआई है। इन शहरों का डाटा संग्रह किया जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इसकी लगातार निगरानी कर रहा है। पर्यावरण संबंधी कानून को लागू करने के लिए एक वर्ष का डाटा जरूरी है।
तैयार कार्ययोजना के मुताबिक
बोर्ड के अध्यक्ष प्रो अशोक घोष ने बताया कि 25 नवंबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न शहरों में प्रदूषण के बढ़े हुए स्तर को देखते हुए संबंधित जिलाधिकारी को कारवाई करने का निर्देश दिया गया है।तैयार कार्ययोजना के मुताबिक, 300 से 400 एक्यूआई वाले शहरों में ट्रक प्रवेश पर रोक, पाकिर्ंग शुल्क बढ़ाना, डीजल सेट पर रोक तक शामिल है। इसके अलावा प्राप्त आंकड़ों के आधार पर कारवाई करने की योजना है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को पिक आवर और ऑफ आवर में प्रेशर रेगुलेट करने की भी योजना है।


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