बिहार (Bihar) में इस समय राजनीति सियासत काफी बढ़ गई है।बता दें राष्ट्रीय जनता दल के सरकार से बाहर जाने और जदयू और बीजेपी मिलकर एनडीए की सरकार बनाने के बाद भले ही सबकुछ शांत लग रहा हो, पर अंदरखाने सियासत गरमाई हुई है।इसके साथ ही मंत्रिमंडल का विस्तार अभी नहीं हुआ है।मंत्रिमंडल विस्तार से पहले ‘हम’ संयोजक जीतन राम मांझी इन दिनों काफी सुर्खियों में हैं।जीतन राम मांझी ‘हम’ के लिए दो मंत्री पद की मांग कर रहे हैं।
- Bihar की राजनीति में मची हलचल
- Jitan Ram Manjhi को कांग्रेस ने दिया CM पद का ऑफर
- दो मंत्री पद की मांग को लेकर राजनीति शुरू
जीतन राम मांझी को अखिलेश प्रसाद सिंह ने दिया खुला ऑफर
वहीं, जीतन राम मांझी को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। कांग्रेस ने जीतन राम मांझी को सीएम पद के लिए ऑफर दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह से जब सवाल पूछा गया कि वो एनडीए सरकार में दो सीटों की मांग कर रह हैं। इस पर अखिलेश प्रसाद सिंह ने जीतन राम मांझी को खुला ऑफर दे दिया। उन्होंने कहा कि वो हमारे साथ आ जाए हम उन्हें सीएम बनवा देंगे। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में कयासों का दौर शुरू हो गया है।
आखिर क्यों महत्वपूर्ण हैं मांझी?
जीतन राम मांझी अभी बिहार की सियासत के दोनों खेमों, एनडीए और महागठबंधन, दोनों के लिए हॉट केक बने हुए हैं। वह आरजेडी की नैया पार लगाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, साथ ही वह एनडीए के लिए भी बेहद खास हैं। दरअसल, जीतनराम की पार्टी HAM के 4 विधायक हैं, अगर आरजेडी उन्हें अपने पाले में ले लेती है, तो महागठबंधन 118 सीटों का आकंड़ा छू लेगा। ऐसे में आरजेडी के 79, कांग्रेस के 19 और लेफ्ट के 16 विधायक भी शामिल हैं। अगर AIMIM का एक और एक निर्दलीय विधायक भी महागठबंधन के साथ जाते हैं तो ये आंकड़ा 120 तक पहुंच जाएगा।


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