पटना: कांग्रेस-राजद के अलगाव को सियासी स्टंट बताते हुए भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता सत्येंद्र कुमार राय ने कहा कि कांग्रेस-राजद में चल रही उठापटक इनकी जनता की आंखों में धूल झोंकने की एक और कोशिश है। वास्तव में राजद की दादागिरी से कांग्रेस के आम कार्यकर्ता आजिज आ चुके हैं और कभी भी पार्टी छोड़ सकते हैं, इसी तरह विगत चुनाव में कई सीटें गंवा देने के कारण राजद के कई कार्यकर्ता भी कांग्रेस से आक्रोशित है।
यही वजह है कि दोनों पार्टियां आपसी झगड़े का दिखावा कर रही है। इनका अलगाव वास्तव में चुनावी तलाक है और परिणाम आने के बाद दोनों दलों का फिर से निकाह हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राजद-कांग्रेस का साथ रहना दोनों के लिए मजबूरी का सबब बन चुका है।
जिस तरह कांग्रेस जानती है कि बिना राजद का साथ लिए उनके लिए बिहार में एक सीट जीतना भी कठिन है, उसी तरह राजद भी जानता है कि कांग्रेस के चरणों में माथा टेके बिना उनके लिए राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ना संभव नहीं है, इसीलिए स्वार्थसिद्धि के लिए दोनों साथ बने रहते हैं।
राजद-कांग्रेस कोई लोकतांत्रिक दल नहीं बल्कि खास परिवारों की जागीर है। लोग जानते हैं कि इन दोनों दलों में वही होता है जो ख़ास परिवार चाहता है। बाद बाकि नेता क्या बोलते हैं, उसे कोई महत्व नहीं देता। यदि राजद-कांग्रेस का अलगाव हकीकत में हुआ होता तो अभी तक इनके युवराजों ने एक-दुसरे पर शब्दबाण छोड़ना शुरू कर दिया होता। लेकिन उनकी चुप्पी सारी असलियत बयान कर दे रही है।


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