बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित आश्रय गृह में कई लड़कियों के यौन शोषण के मामले में दिल्ली की एक अदालत आज यानि मंगलवार को अपना फैसला सुना सकती है। इस केंद्र का संचालक बिहार पीपुल्स पार्टी का पूर्व विधायक ब्रजेश ठाकुर था। कोर्ट ने पहले आदेश एक महीने के लिए 14 जनवरी तक टाल दिया था। उस समय मामले की सुनवाई कर रहे जज सौरभ कुलश्रेष्ठ छुट्टी पर थे।
इससे पहले अदालत ने नवंबर में फैसला एक महीने के लिए टाल दिया था। तब तिहाड़ केंद्रीय जेल में बंद 20 आरोपियों को राष्ट्रीय राजधानी की सभी छह जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल के कारण अदालत परिसर नहीं लाया जा सका था। बता दें कि कोर्ट ने 20 मार्च, 2018 को ठाकुर समेत आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किये थे। आरोपियों में आठ महिलाएं और 12 पुरुष हैं।


Download Android App
Download iOS App



