पटना : पथ निर्माण विभाग की 5024 करोड़ की लागत से 217 योजनाओं के वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित उद्घाटन, शिलान्यास समारोह को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार में ई-टेंडरिंग 2.0 वर्जन शीघ्र लागू किया जाएगा जिसमें बैंक गारंटी का ऑनलाइन सत्यापन, अलग-अलग विभागों की जगह एकीकृत निबंधन व अर्नेस्ट मनी स्वतः वापस होने की सुविधा रहेगी। भारत सरकार की तर्ज पर बिहार में भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर पाक और चीन की एजेंसियों को टेंडर में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी।
श्री मोदी ने कहा कि 15 साल के एनडीए के शासन के बाद आज बिहार में ‘ब.स.पा.’ यानी बिजली, सड़क और पानी कोई मुद्दा नहीं है। अगर विपक्ष में हिम्मत है तो आगामी चुनाव में इसे मुद्दा बनाएं। घर-घर बिजली, गांव-गांव सड़क और पानी पहुंच चुका है। विगत के चुनावों में अकसर विपक्ष इन्हीं मुद्दों पर हमलावर रहता था।
एनडीए के पहले 15 साल वालों के राज में अलकतरा घोटाला हुआ जिसमें कई इंजीनियरों सहित तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री तक को सजायफ्ता होकर जेल जाना पड़ा है। उस दौर में सड़कें बनती कम, मरम्मति ज्यादा होती थीं। 1990-91 से 2004-05 के दौरान सड़कों पर खर्च होने वाली राशि 6071.57 करोड़ का 60 प्रतिशत मरम्मत पर खर्च हुई थी। वहीं, एनडीए के 15 साल के कार्यकाल में (2004-05 से 2019-20 तक) सड़कों पर 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए है।


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