पटना : वायु, जल व ध्वनि प्रदूषण के नियंत्रण और निवारण के लिए अरण्य भवन में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने होटल, रेस्टोरेंट व बैंक्वेट हाॅल संचालकों को स्थापना की अनुमति (ब्ज्म्) के लिए 31 अक्तूबर तक आवेदन देने का निर्देश दिया। ठोस कचरा प्रबंधन के साथ ही जल व ध्वनि प्रदूषण के नियंत्रण के लिए आवश्यक प्रबंध करने,प्लास्टिक थैली का प्रयोग प्रतिबंधित करने व होटल, रेस्टोरेंट को साफ-सुथरा रखने का निर्देश दिया।
श्री मोदी ने कहा कि सबसे ज्यादा कचरा होटल, रेस्टोरेंट व बैंक्वेट हाॅल से पैदा होता है। तय समय सीमा में गंदा पानी का निस्तारण और जूठन का समुचित प्रबंधन करें। गंदे पानी के उपचार के लिए होटल संचालक एसटीपी या फिल्टर की व्यवस्था करें। नगर निगम के नाले में अगर गंदे पानी को प्रवाहित करते हैं तो उससे तेल व ग्रीस हटाने के लिए मल्टी ग्रेड फिल्टर से साफ करें।
ध्वनि प्रदूषण के कारण बहरापन व दिल की बीमारी के बढ़ते गंभीर खतरे से अगाह करते हुए कहा कि इसके नियंत्रण के लिए तय मानकों का पालन करें। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर और डीजे का शोर नहीं हो। होटल कैम्पस और पार्किंग में मल्टीपल टोन व म्युजिकल हाॅर्न का प्रयोग पूरी तरह से वर्जित हो। ऐसा करने वालों को रोके और नहीं मानने वालों के खिलाफ शिकायत करें।
उन्होंने कहा कि कि होटल के किचने के धुंए की निकासी की ऐसी व्यवस्था करें कि आसपास के लोगों को परेशानी नहीं हो। जल संरक्षण के लिए बाथरूम में ऐसा नल लगाए कि जिससे पानी की बर्बादी नहीं हो। सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ावा देने के साथ ही वर्षा जल संचयन का प्रबंधन करें। होटल के कमरे, काॅरीडोर,परिसर को हरा-भरा रखें। पर्याप्त डस्टवीन की व्यस्था और ग्राहकों को उसमें कूड़ा डालने के लिए प्रेरित करें। प्लास्टिक थैली, थर्मोकोल से बने प्लेट, कटोरी, गिलास आदि का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित करें।


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