राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव रविवार को गोपालगंज से अपनी ‘संविधान बचाओ न्याय यात्रा’ की शुरुआत करने वाले हैं। उनकी यात्रा के शुरू होने से एक दिन पहले शनिवार को बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) ने एक खुला पत्र जारी कर उन्हें अपनी पार्टी में संविधान बचाने की नसीहत दी।
जद (यू) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने पत्र में तेजस्वी को गोपालगंज दौरे में हृदयानंद चौधरी के परिजनों से मिलने की सलाह देते हुए कहा कि इस व्यक्ति ने आपके परिजनों को पटना में कीमती जमीन दान दी है। उन्होंने कहा, ‘चौधरी ने आपके परिजनों को पटना के दानापुर में करीब 7.75 डिसमिल जमीन दान में दी है। रेलमंत्री रहते हुए लालू प्रसाद ने इन्हें रेलवे में खलासी पद पर नौकरी दिलवाई थी, जिसके एवज में उनके नाम से बेनामी संपत्ति लिखवाई गई और फिर उसे उपहार स्वरूप वापस ले लिया गया।’
उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, ‘संविधान के तहत आपके पिता लालू प्रसाद को न्यायपालिका ने चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित कर दिया है, जबकि राजद के अध्यक्ष अभी भी वही हैं। ऐसे में संविधान की मूल आत्मा की रक्षा के लिए क्या आप अपने पिता को पार्टी से बर्खास्त करेंगे? जब आप अपनी पार्टी में ही संविधान के अनुसार कार्य नहीं कर सकते तो ‘संविधान बचाओ न्याय यात्रा’ कैसी?’
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गोपालगंज को शक्तिपीठ थावे मंदिर की धरती बताते हुए नीरज ने ऐसे स्थानों पर उन्हें उनके निजी सचिव और देहव्यापार के आरोपी मणि यादव को भी साथ नहीं ले जाने की सलाह दी है। तेजस्वी अपनी यात्रा की शुरुआत 21 अक्टूबर को गोपालगंज से करेंगे, जहां से वे 22 अक्टूबर को सीवान और 23 अक्टूबर को छपरा पहुंचेंगे। तेजस्वी अपनी यात्रा के इस चरण की समाप्ति दो नवंबर को नालंदा में करेंगे।


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