बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कई विधायकों, विधान पार्षदों और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के महागठबंधन से नाता तोड़ने को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि कोई राजनेता अहंकार और अनुभवहीनता का शिकार हो जाए तो उसका बेड़ा गर्क होना निश्चित है।
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने गुरुवार को यहां कहा कि यदि कोई राजनेता अहंकार और अनुभवहीनता का शिकार हो जाए तो उसका बेड़ा गर्क होना निश्चित है। नेता प्रतिपक्ष श्री यादव पर यह बात बिल्कुल ही सटीक बैठती है। उनके अहंकार और अनुभवहीनता के कारण उनके अपने दल के नेताओं और घटक दल के साथी का ही उनके नेतृत्व पर से विश्वास उठता जा रहा है।
प्रसाद ने कहा कि तेजस्वी के अहंकार और अनुभवहीनता का ही परिणाम है कि हम महागठबंधन छोड़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गया। उन्होंने कहा कि इसी तरह कई अन्य छोटे दल भी लगातार उनके नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जहां तेजस्वी ने कांग्रेस को हैसियत में रखने के लिए छोटे दलों को तरजीह दी वहीं आगामी विधान सभा चुनाव में कांग्रेस के दबाव में आकर उन्होंने छोटे दलों को किनारे करने का जो प्रयास किया, उस पर छोटे दल लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और तथाकथित महागठबंधन एक बड़ा बिखराव की तरह बढ़ रहा है। यह तथ्य भी कम महत्वपूर्ण नहीं है कि कांग्रेस के अनुभवी नेताओं को भी तेजस्वी पर भरोसा नहीं हो पा रहा है। वहीं, दूसरी ओर जनता ने भी तेजस्वी और तथाकथित महागठबंधन को आगामी चुनाव में करारी शिकस्त देने का निर्णय कर लिया है.
प्रसाद ने कहा कि वर्ष 2020 बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम एक तऱफा होंगे क्योंकि राजद और उसके साथी दल चुनाव के पूर्व ही हताश हो चुके हैं। वजह स्पष्ट है कि जनता ने 15 वर्षों का अछ्वुत विकास देखा है और इस मार्ग पर बिहार चलता रहे, इसके लिए वर्ष 2010 से भी बड़ा जनादेश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राजग को देने का मन बना चुकी है।
गौरतलब है कि इससे पूर्व राजद के पांच विधान पार्षद और सात विधायक पार्टी से नाता तोड़ जदयू में शामिल हो चुके हैं। विधान पार्षदों में दिलीप राय, राधाचरण साह, संजय प्रसाद, मो. कमर आलम और रणविजय कुमार सिंह वहीं विधायकों में तेघड़ से विधायक वीरेंद, कुमार, पातेपुर से विधायक प्रेमा चौधरी, गायघाट से विधायक महेश्वर यादव और सासाराम से विद्यायक अशोक कुमार, परसा से विधायक एवं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के समधी चंद्रिका प्रसाद राय, केवटी से विधायक फराज फातमी एवं पालीगंज के विधायक जयवर्द्धन यादव उर्फ बच्चा यादव राजद से नाता तोड़ चुके हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की हम पार्टी महागठबंधन से अलग होकर बुधवार को राजग में शामिल हो गई।


Download Android App
Download iOS App



