मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोविड-19 महामारी की रोकथाम को लेकर किये जा रहे कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में आ रहे प्रवासी मजदूरों की संख्या को देखते हुये पंचायत स्तरीय विद्यालय क्वारंटाइन कैम्पों को सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ पूरी तरह तैयार रखें।
उन्होंने कहा कि पचांयत स्तरीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाये रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी मजदूर बड़ी संख्या में अलग-अलग जोन से आ रहे हैं। अतः उनके क्वारंटाइन के लिये रणनीति बनाकर समुचित व्यवस्था की जाय। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जोन से आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिये जोन के हिसाब से टेस्टिंग की रणनीति बनायी जाय।
वित्त मंत्री की घोषणाओं के बाद PM मोदी बोले- किसानों और प्रवासी मजदूरों को मिलेगा फायदा
उन्होंने कहा कि जिलों में टेस्टिंग का कार्य अविलम्ब शुरू होना चाहिये, इसमें अब किसी प्रकार का विलम्ब न हो। उन्होंने कहा कि योजना बनाकर अधिकाधिक टेस्टिंग कोरोना संक्रमण के स्प्रेड को रोकने में कारगर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को शीघ्र लाने के लिये ट्रेन एवं बसों की अधिकतम क्षमता का उपयोग किया जाय ताकि जल्द से जल्द सभी इच्छुक मजदूरों को बिहार लाकर उनका ख्याल रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि नजदीक के राज्यों से जो प्रवासी मजदूर बिहार आना चाहते हैं, उन्हें लाने के लिये बसों के साथ-साथ छोटी गाड़ियों का भी उपयोग किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने विदेशों से भी आने वाले लोगों के लिये क्वारंटाइन व्यवस्था की सारी तैयारियों को पूर्ण रखने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोग सचेत एवं सतर्क रहें, परेशान न हों। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहें। उन्होंने कहा कि हम सभी की चिंता करते हैं, चाहे राशन कार्डधारी हों, पेंशनधारी हों, किसान हों, वृद्धजन हों, दिव्यांगजन हों, चिकित्साकर्मी हों, छात्र-छात्रायें हों या दिहाड़ी मजदूर, ठेला वेंडर, रिक्शा चालक तथा अन्य जरूरतमंद व्यक्ति हों, सरकार द्वारा सभी को हरसंभव मदद की जा रही है।


Download Android App
Download iOS App



