लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर मध्यमवर्गीय परिवार पर : ललन कुमार

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ललन कुमार ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार से मांग की है कि लॉकडाउन में भविष्य को लेकर चिंतित मध्यमवर्गीय परिवार,जिनके रोजी रोजगार छिन गए है उनके लिए सरकार अविलंब उपाय करें।

पटना : देश इस वक्त कोरोना महामारी की चपेट  में हैं। वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लिया है। इस बीच, बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ललन कुमार ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार  से मांग की है कि  लॉकडाउन में भविष्य को लेकर चिंतित मध्यमवर्गीय परिवार,जिनके रोजी रोजगार छिन गए है उनके लिए  सरकार अविलंब उपाय करें। कुमार ने कहा कि इस लॉकडाउन से सबसे ज्यादा कष्ट एवं नुकसान मध्यम वर्गीय समाज के लोगों के साथ है। ये समाज ना तो किसी से मुफ्त का राशन मांग सकता है औ ना ही अपना कष्ट किसी को बता सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार के तरफ से भी इस समाज के लोगों को सहायता नहीं मिल रही है और ना ही समाजसेवी एवं राजनैतिक व्यक्तियों की तरफ से सहयोग किया जा रहा है। इस वजह से मध्यम वर्गीय लोगों की स्थिति भयावह होती चली जा रही है। कांग्रेस नेता ने कहा कि लॉकडाउन का पूरा देश पालन कर रहा है लेकिन मोदी जी को देश के लोगों की सहूलियत का भी ख्याल करना चाहिए और उन्हें इसके लिए अलग से राष्ट्र को संबोधित करना चाहिए।
ललन ने कहा कि  भारत के मध्यम निम्न वर्ग को जो सरकारी सहायता व अनुदान मिलना चाहिए था वह कभी दिया ही नहीं जाता। यह वही मध्यम निम्न वर्ग है जो लाख संघर्ष के बावजूद अपने संस्कार व संस्कृति को बचाए हुए है।

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