बिहार कांग्रेस ने राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में विलय किए जाने पर चुटकी लिया और कहा कि दो टूटे हुए फिलामेंट को जोड़कर बल्ब नहीं जलाया जा सकता है।
युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ललन कुमार ने सोमवार को यहां कहा कि रालोसपा अध्यक्ष उपेंद, कुशवाहा और जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर से राज्य के लोगों का भरोसा उठ चुका है। इसका उदाहरण इस बार के विधानसभा चुनाव के परिणाम से मिलता है। उन्होंने कहा कि दो टूटे हुए फिलामेंट को जोड़कर बल्ब को नहीं जलाया जा सकता, ठीक उसी तरह इन दोनों के मिलने से भी कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।
श्री कुमार ने कहा कि रालोसपा अध्यक्ष विधानसभा चुनाव में स्वयं मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे और घूम-घूम कर मुख्यमंत्री श्री कुमार की कमियों को गिनाते नहीं थकते थे। इसी तरह श्री कुमार की पार्टी भी 43 सीटों पर ही सिमट कर रह गई। उन्होंने कहा कि श्री कुमार ने अपनी राजनीतिक जमीन के खिसकने का आभास होने पर अपने पुराने सिपाही पर भरोसा जताया है। बिहार की जनता सब समझ रही है कि आखिर यह लोग एक-दूसरे से अलग क्यों होते हैं और एक दूसरे के साथ आते क्यों हैं।


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