बिहार विधानसभा में सोमवार को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा प्रमोद कुमार को मंत्री बनाए जाने को लेकर सवाल उठाए जाने पर भाजपा तल्ख तेवर अपनाए हुए है। भाजपा के नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने राजद नेता तेजस्वी यादव को नसीहत देते हुए कहा कि शीशे के घर में रह कर दूसरों पर पत्थरबाजी करना बंद करें।
भाजपा के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मोदी ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा, तेजस्वी यादव को अपने पिता लालू प्रसाद से पूछना चाहिए कि उन्होंने कैसे-कैसे मंत्री बनवाये थे? राजद बताए कि पिछली विधानसभा में पहली बार विधायक बनने वाले आठवीं और इंटर पास लोगों को तीन-तीन विभागों का कैबिनेट मंत्री कैसे बनवाया गया था?
उन्होंने आगे सवाल करते हुए लिखा, वे बतायें कि 1997 में उनकी पार्टी ने कई योग्य लोगों के रहते हुए एक ऐसी घरेलू महिला को मुख्यमंत्री क्यों बनवाया था, जो अधिकारियों की हिंदी-अंग्रेजी में लिखी फाइल को न पढ सकती थीं, न समझ सकती थीं? तेजस्वी यादव को शीशे घर में रह कर दूसरों पर पत्थरबाजी नहीं करनी चाहिए।
भाजपा नेता यहीं नहीं रूके। उन्होंने आगे कहा कि किसी व्यक्ति को मंत्री बनाने के मुख्यमंत्री के निर्णय और संबंधित व्यक्ति की योग्यता पर सवाल उठा कर विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने फिर अपनी अपरिपक्वता और अपात्रता प्रकट की। उन्होंने सरकार से एक सवाल पूछ कर सौ सवाल अपने ही दल की ओर खड़े कर दिए।
इससे पहले बिहार विधानसभा की सोमवार की कार्यवाही चल रही थी। इसी बीच गन्ना विभाग के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न का जवाब मंत्री प्रमेाद कुमार दे रहे थे। इस दौरान विपक्ष के नेता तेजस्वी ने बीच में ही टोक दिया और उनके मंत्री बनने पर ही सवाल खड़े कर दिए।
सवाल के जवाब के बीच में ही तेजस्वी ने सत्ता पक्ष की तरफ इशारा करते हुए कहा, अरे यार, गजब करते हैं। आपलोगों को कैसे मंत्री बना दिया। जवाब देना आता नहीं। कौन-कौन कहां-कहां से आ जाते हैं, यार। इसके बाद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने तो इसे परंपरा के खिलाफ बताते हुए कहा कि ऐसे सदन नहीं चल सकता।


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