कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के समर्थन में अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा भी आगेआई है। इस बारे में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्षकुशवाहा राकेश महतो ने कहा कि जो तीन कृषि कानून पास किए गए हैं उससे किसान मजदूरबनने को मजबूर हो जाएंगे। सरकारी कृषि मंडियों को ध्वस्त कर पूंजीपतियों को लायाजा रहा । कृषि क्षेत्र में उनके आ जाने से किसानों का दोहन शुरू हो जाएगा।
मौके पर उपस्थितकांग्रेस नेता सह अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण सिंहकुशवाहा ने कहा कि सगंठन की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में यह निर्णय लिया गयाहै कि हम किसानों के इस आंदोलन का पूर्जोर समर्थन करेंगे और तीनों काले कानूनों कोवापस लेने के लिए किसान आंदोलन में उनका साथ देंगे। आगे उन्होंने कहा कि किसानोंके समर्थन में हम चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे. महासभा यह मांग करती है कि मंडीसिस्टम उसी तरह चलती रहे जैसे अभी तक चल रही थी। इन कानूनों से किसानों के साथ-साथआम जन भी प्रभावित होंगे।
प्रवीण सिंह कुशवाहा नेकहा कि केंद्र सरकार अंग्रेजों से भी अधिक क्रूरता दिखा रही है। दो महीने से अधिकसमय तक किसानों को ठंड में रहने को मजबूर करने के बाद भी मोदी सरकार मानने कोतैयार नहीं है। सरकार किसानों की मांगों को मानते हुए सभी कानून रद्द करे औरन्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाए। इस दौरान महासभा केप्रदेश अध्यक्ष शंकर मेहता, कोषाध्यक्ष चंद्रदीप सिंह, कार्यसमिति सदस्य सुबोध,अमन कुशवाहा उपस्थित रहें।


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