क्या है सूरज बिहारी हत्याकांड? 10 दिन में बेटे-बाप की मौत से दहला Purnia; 15 करोड़ टर्नओवर वाले परिवार पर हमला; लपेटे में Pappu Yadav!

Summary :

Suraj Bihari Murder Case: बिहार के पूर्णिया में 27 जनवरी को हुए हाई-प्रोफाइल सूरज बिहारी हत्याकांड के आरोपियों को अभी तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस बीच, सूरज बिहारी के पिता जवाहर यादव का शुक्रवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बेटे की दिनदहाड़े बेरहमी से हुई हत्या के बाद से वह गहरे सदमे में थे, जिससे वह उबर नहीं पाए। दुख की बात है कि सूरज बिहारी की 13वीं पुण्यतिथि की रस्में पूरी होने से पहले ही घर से एक और अर्थी उठ गई। सूरज बिहार हत्याकांड की कहानी परिवार और करीबी लोगों के…

Suraj Bihari Murder Case: बिहार के पूर्णिया में 27 जनवरी को हुए हाई-प्रोफाइल सूरज बिहारी हत्याकांड के आरोपियों को अभी तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस बीच, सूरज बिहारी के पिता जवाहर यादव का शुक्रवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बेटे की दिनदहाड़े बेरहमी से हुई हत्या के बाद से वह गहरे सदमे में थे, जिससे वह उबर नहीं पाए। दुख की बात है कि सूरज बिहारी की 13वीं पुण्यतिथि की रस्में पूरी होने से पहले ही घर से एक और अर्थी उठ गई।

सूरज बिहार हत्याकांड की कहानी

परिवार और करीबी लोगों के मुताबिक बेटे की हत्या के बाद जवाहर यादव पूरी तरह बदल गए थे। पहले जो हमेशा मजबूत और शांत रहते थे, वह चुप रहने लगे थे। अक्सर बेटे की तस्वीर देखते और न्याय की बात करते थे। कुछ दिन पहले ही वह अस्थि विसर्जन करके लौटे थे, जिसके बाद से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी।

बता दें कि शुक्रवार सुबह जवाहर यादव गुलाब बाग स्थित अपने घर पर थे। अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और हालत बिगड़ गई। परिवार उन्हें तुरंत पास के निजी अस्पताल ले गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। खबर फैलते ही इलाके में शोक छा गया।

बड़े कारोबारी थे Jawahar Yadav (मक्का व्यापार से लेकर कई गोदाम)

Jawahar Yadav (credit-sm)

जवाहर यादव को पूर्णिया के जाने-माने और सम्मानित कारोबारियों में गिना जाता था। गुलाब बाग इलाके में उनके कई गोदाम थे और मक्का सहित अन्य कृषि उत्पादों का बड़ा व्यापार था। उनका बेटा सूरज बिहारी धीरे-धीरे कारोबार संभाल रहा था। पिता-पुत्र की जोड़ी इलाके में काफी सम्मानित थी, लेकिन कम समय में हुई दो मौतों ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया।

Nitish government: दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या

27 जनवरी को सूरज बिहारी मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक पर एक विवाद सुलझाने पहुंचे थे। उसी दौरान बातचीत के बीच हमलावरों ने अचानक उन पर फायरिंग कर दी। उन्हें तीन गोलियां लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया।

Suraj Bihari Murder Case: सूरज बिहारी हत्याकांड के 3 मुख्य आरोपी गिरफ्तार

हत्या के बाद, पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को आरोपी बनाया। कोर्ट के आदेश पर, आरोपियों के घरों पर कुर्की और जब्ती के नोटिस लगाए गए। पुलिस की बड़ी कोशिशों के बाद, बिजनेसमैन सूरज बिहारी की हत्या के तीन मुख्य आरोपी—बृजेश सिंह, नंदू सिंह और अमन सिंह—को पूर्णिया पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया; दो अन्य आरोपियों ने पिछले दिन सरेंडर कर दिया था।

Suraj Bihari turnover: सूरज बिहारी का टर्नओवर कितना है?

पूर्णिया (बिहार) के हाई-प्रोफाइल कारोबारी और ब्लॉगर सूरज बिहारी का सालाना टर्नओवर करीब 15 करोड़ रुपये था। वह मक्के के कारोबार (18 गोदाम) और सोशल मीडिया से जुड़े थे। उनके पास 2.5 करोड़ की डिफेंडर कार, कई SUVs और 22 लाख की पिस्टल थी, और वे 27 जनवरी 2026 को हुई हत्या से पहले एक शानदार जीवन शैली जीते थे।

इस मामले पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट कर जवाहर यादव को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इसे सामान्य मौत नहीं, बल्कि सिस्टम की असंवेदनशीलता का नतीजा बताया। पप्पू यादव ने कहा कि बेटे की हत्या के बाद न्याय की आस में जी रहे पिता की मौत बेहद दुखद है। उन्होंने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए परिवार के लिए न्याय और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

Pappu Yadav: पूर्णिया सांसद ने बताया लापरवाह कानून व्यवस्था

पप्पू यादव ने एक्स पर लिखा, “सूरज बिहारी के पिता जवाहर यादव की बेटे की मौत के दुख में मौत होना बेहद दिल दहला देने वाला, अकल्पनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। वह शहर के एक सम्मानित व्यवसायी, एक जागरूक नागरिक और अपने बेटे के लिए न्याय की उम्मीद में जी रहे एक टूटे हुए पिता थे।”

पूर्णिया सांसद ने आगे लिखा, “कुछ दिन पहले उनके बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और तब से वह न्याय के लिए गुहार लगा रहे थे। लेकिन राज्य की अक्षम, असंवेदनशील और लापरवाह कानून व्यवस्था ने न सिर्फ एक बेटे की जान ली, बल्कि एक पिता की उम्मीद, हिम्मत और आखिरकार उनकी जिंदगी भी छीन ली। यह सिर्फ एक सामान्य मौत नहीं है, बल्कि सिस्टम की अनदेखी से हुई एक और मौत है। क्या इस परिवार को कभी न्याय मिलेगा, या प्रशासन और सिस्टम की नाकामी इस परिवार से और जानें लेगी?”

पप्पू यादव ने आखिर में लिखा, “हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और भगवान से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले। भगवान इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दे। श्रद्धांजलि।”

पप्पू यादव के खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई शुरू

बता दें कि 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तार पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को कोर्ट में पेश किया जा रहा है। उन्हें शनिवार सुबह बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल) लाया गया था। जांच के बाद पप्पू यादव को एम्बुलेंस से पटना सिविल कोर्ट ले जाया गया, जहां उनके मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने उन्हें दो दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है।

1995 के केस में गिरफ्तारी!

बताते चले कि 6-7 फरवरी 2026 की दरमियानी रात पटना पुलिस ने 31 साल पुराने (1995) एक धोखाधड़ी और आपराधिक मामले में उनके घर से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी कोर्ट द्वारा लगातार पेशी न होने पर वारंट और कुर्की के आदेश के बाद की गई, जिसमें जबरन मकान किराए पर लेने का आरोप है।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।