गरीबों को राशन के साथ गुजारा भत्ता मिलनी चाहिए :ललित सिंह

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वंचित समाज पार्टी के चुनाव अभियान समिति के प्रमुख ललित मोहन सिंह ने कहा कि लॉकडाउन में सरकार ने ग्रामीण गरीबों-मजदूरों को भुखमरी के कगार पर धकेल दिया है।

पटना, (पंजाब केसरी) : वंचित समाज पार्टी के चुनाव अभियान समिति के प्रमुख ललित मोहन सिंह  ने कहा कि लॉकडाउन में सरकार ने ग्रामीण गरीबों-मजदूरों को भुखमरी के कगार पर धकेल दिया है। मनरेगा मजदूरों से न्यूनतम से भी कम मजदूरी पर काम लेने का सरकारी आदेश निर्गत है।
ललित सिंह ने  कहा  कि राशन में महज चावल-गेहूं दिया जा रहा है जबकि भोजन के अन्य जरूरी सामान खरीदने की स्थिति में एक बड़ी आबादी नही है। उन्होंने कहा कि सभी गरीबों-मजदूरों को तीन महीने का राशन और प्रति परिवार 5000 रुपये गुजारा भत्ता मिलना चाहिए। मनरेगा को कोरोना राहत अभियान सहित तमाम कृषि कार्यों से जोडऩा चाहिए और उन्हें 400 रुपये दैनिक मज़दूरी और 180 दिन काम मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अधिकांश देशों में लॉकडाउन की वजह से तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत में न केवल भारी गिरावट है बल्कि वह निगेटिव में चला गया है। सामान्य दिनों में मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल आदि पदार्थों का दाम बढ़ाते हुए अंतर्राष्ट्रीय मूल्य वृद्धि का झूठा तर्क दिया करती थी। आज जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मूल्य में भारी गिरावट है भारत सरकार अपने यहां पुराने मूल्य पर ही पेट्रोलियम पदार्थ क्यों बेच रही है। क्या इसके जरिए वह इस कोरोना के संकटकालीन दौर में भी आम लोगों को तंग-तबाह नहीं कर रही है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में तत्काल कमी की जाए।

Ujjwal Jain