बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को संदेह जताया कि उपेंद्र कुशवाहा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संपर्क में हो सकते हैं। कुमार जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के संसदीय बोर्ड के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कुशवाहा के उस दावे को खारिज किया कि पार्टी हाल के दिनों में ‘‘कमजोर’’ हो गई है और पार्टी के वरिष्ठ नेता भाजपा के संपर्क में हैं।
कुमार ने कहा, ‘‘उन्हें कम से कम एक नेता का नाम लेना चाहिए जो (भाजपा के साथ) संपर्क में है। जो खुद संपर्क करना चाहते हैं, वे इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।” उन्होंने पार्टी के कमजोर होने संबंधी कुशवाहा के दावे को खारिज करते हुए कहा, ‘‘नवीनतम सदस्यता अभियान में हमारी संख्या 50 लाख से बढ़कर 75 लाख हो गई है।’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री कुशवाहा ने 2021 में अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) का जदयू में विलय किया था।
इस तरह की खबरें सामने आई थीं कि कुशवाहा उपमुख्यमंत्री बन सकते हैं। हालांकि कुमार ने इन खबरों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव इस पद पर बने रहेंगे। पिछले सप्ताह कुशवाहा चिकित्सा जांच के लिए दिल्ली में थे और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भाजपा के कुछ नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर आई थीं। ऐसा माना गया था कि इन तस्वीरों को कुशवाहा के समर्थन में जानबूझकर सोशल मीडिया पर डाला गया है।
कुमार ने एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘अगर उनकी कोई अधूरी महत्वाकांक्षा है तो उन्होंने इस संबंध में मुझे कभी नहीं बताया। वह जहां चाहे जा सकते हैं। हालांकि यहां उन्हें सम्मान मिलता है। कुशवाहा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह ‘‘कभी भी भाजपा के सदस्य नहीं बनेंगे’’ लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले एक पार्टी बनाने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने संबंधी सवाल को उन्होंने टाल दिया।


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