दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के छोटे भाई सुखदीप सिंह सिद्धू, जिन्हें ‘छोटा सिद्धू’ के नाम से जाना जाता है, उनको लेकर बाल अधिकार संगठन ने चिंता जताई है। चंडीगढ़ स्थित संस्था ‘लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल’ ने मानसा के डिप्टी कमिश्नर और जिला बाल संरक्षण के पास शिकायत दर्ज कराई है। संगठन ने ढाई साल के बच्चे के कल्याण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच करने की मांग की है। यह शिकायत कनाडा के टोरंटो में एक कॉन्सर्ट के दौरान बच्चे के कथित तौर पर बंदूक चलाने जैसे इशारे करने के वीडियो से सामने आने के बाद दर्ज कराई गई है।
टोरंटो कॉन्सर्ट के वीडियो को लेकर जताई चिंता
When the legend #SidhuMoosewala’s little brother steps up, the whole world melts. https://t.co/Z7wEaZln03
— Randeep Gill (@Randeep44009128) October 12, 2026
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, संगठन ने 17 अक्टूबर को अपने सेक्रेटरी-जनरल और वकील नवकिरण सिंह के माध्यम से शिकायत दी। इसमें युवा न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत संबंधित अधिकारियों से इन्टरफेयर करने की रिक्वेस्ट करी गई है।
शिकायत में 9 अक्टूबर को कनाडा के टोरंटो में आयोजित ‘साइंड टू गॉड वर्ल्ड टूर’ के पहले शो का उल्लेख किया गया है। संगठन का आरोप है कि इस फंक्शन के दौरान बच्चे को मंच पर लाया गया, जहां उसने पिस्तौल चलाने जैसे इशारे किए और गोली चलने की आवाजें निकालीं। शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो का भी हवाला दिया है। उनके मुताबिक, इन वीडियो में बच्चे के आसपास मौजूद लोग उसे ऐसे इशारे करने के लिए मोटीवेट करते हुए दिखाई देते हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अधिकारियों की ओर से किसी रिज़ल्ट की जानकारी सामने नहीं आई है।
बच्चे के मानसिक और सोशल डेवेलपमेंट को लेकर चिंता

बाल अधिकार संगठन का कहना है कि इतनी कम उम्र में बच्चे को बार-बार हिंसा से जुड़े हावभाव करने के लिए प्रोत्साहित करना उसके विकास पर असर डाल सकता है। संस्था को शक है कि इससे बच्चे के मन में हिंसक बिहेवियर नॉर्मल होने का परसेप्शन बन सकता है और उसकी सेफ्टी से जुड़े सवाल भी खड़े हो सकते हैं। इस मामले में सिद्धू मूसेवाला की हत्या का संदर्भ भी दिया गया है। पंजाबी गायक की 29 मई 2022 को मानसा जिले के जवाहरके गांव के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
हालांकि, संगठन ने साफ किया है कि उसे बच्चे के अपने दिवंगत बड़े भाई की याद में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने या उनकी विरासत से जुड़े आयोजनों का हिस्सा बनने पर कोई आपत्ति नहीं है। उसकी चिंता सिर्फ बच्चे को कथित तौर पर हिंसक इशारे करने के लिए मोटीवेट किए जाने को लेकर है।
माता-पिता की काउंसलिंग और जांच की मांग

शिकायत में रिलेटेड अधिकारियों से कई कदम उठाने की रिक्वेस्ट की गई है। इनमें जिला बाल संरक्षण इकाई या किसी एबिलिटी वाले बाल परामर्शदाता के माध्यम से माता-पिता की काउंसलिंग कराना शामिल है। साथ ही, बच्चे को इस तरह के हिंसक हावभाव करने से रोकने के लिए उचित निर्देश जारी करने और उनके पालन की निगरानी करने की मांग भी की गई है। संस्था ने जिला मजिस्ट्रेट से यह सुनिश्चित करने की रिक्वेस्ट करी है कि बाल कल्याण कमिटी इस मामले पर तत्काल ध्यान दे और बच्चे के हित में जरूरी कदम उठाए।
सजा या कस्टडी में बदलाव नहीं, बच्चे की सुरक्षा का मेन मकसद

लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल ने शिकायत में कहा है कि उसका मकसद किसी को दंडित कराना या बच्चे की कस्टडी में बदलाव करवाना नहीं है। संगठन का कहना है कि वह सिर्फ बच्चे के अधिकारों, सेफ्टी और बेहतर विकास को सुनिश्चित करना चाहता है। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की खुली पुष्टि या संबंधित अधिकारियों की जांच के नतीजों की जानकारी एवेलेबल नहीं है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मानसा प्रशासन और जिला बाल संरक्षण इकाई इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं।


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