मैं शबाना या स्मिता पाटिल जैसी सुंदर नहीं थी इसलिए…’, रत्ना पाठक ने अपने संघर्ष का किया खुलासा

Summary :

रत्ना पाठक शाह अपनी बेमिशाल एक्टिंग के साथ-साथ अपनी बेबाक अंदाज को लेकर भी चर्चा में छाई रहती हैं। रत्ना पाठक ने अपने करियर की शुरुआत 1983 में रिलीज हुई फिल्म ‘मंडी’ से की थी। उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अभिनय की शुरुआत की। रत्ना इंडस्ट्री को अपने बेशकीमती 40 साल दे चुकी हैं। हां, भले ही रत्ना ने 1983 में बड़े पर्दे पर कदम रखा था, लेकिन वह बीते 1 दशक में फिल्म जगत में मशहूर हुई हैं। जिसकी एक बड़ी वजह रही हैं। अब हाल ही में रत्ना ने एक इंटरव्यू के दौरान उन्हें देर से फिल्मों में मिली…

रत्ना पाठक शाह अपनी बेमिशाल एक्टिंग के साथ-साथ अपनी बेबाक अंदाज को लेकर भी चर्चा में छाई रहती हैं। रत्ना पाठक ने अपने करियर की शुरुआत 1983 में रिलीज हुई फिल्म ‘मंडी’ से की थी। उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अभिनय की शुरुआत की। रत्ना इंडस्ट्री को अपने बेशकीमती 40 साल दे चुकी हैं। हां, भले ही रत्ना ने 1983 में बड़े पर्दे पर कदम रखा था, लेकिन वह बीते 1 दशक में फिल्म जगत में मशहूर हुई हैं। जिसकी एक बड़ी वजह रही हैं। अब हाल ही में रत्ना ने एक इंटरव्यू के दौरान उन्हें देर से फिल्मों में मिली सफलता पर बात की है।

  • रत्ना पाठक शाह अपनी बेमिशाल एक्टिंग के साथ-साथ अपनी बेबाक अंदाज को लेकर भी चर्चा में छाई रहती हैं
  • रत्ना पाठक ने अपने करियर की शुरुआत 1983 में रिलीज हुई फिल्म ‘मंडी’ से की
  • अब हाल ही में रत्ना ने एक इंटरव्यू के दौरान उन्हें देर से फिल्मों में मिली सफलता पर बात की

रत्ना पाठक ने किए कई खुलासे

रत्ना पाठक शाह के लिए यह साल बेहद अच्छा रहा। इस साल वह कई वेब सीरीज में नजर आईं और आखिर में ‘धक धक’ में ‘मोटरसाइकिल वाली नानी’ बनकर दर्शकों का दिल जीता। हालांकि एक वक्त ऐसा था जब उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिलता था, जिसकी वजह उनका खूबसूरत न दिखना था। जी हां, ये सुनकर आप सब चौंके जरूर होंगे, लेकिन ये सच है और इस बात का खुलासा खुद रत्ना ने किया है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान रत्ना पाठक शाह ने ये खुलासा किया है कि शुरुआती के दिनों में खूबसूरत ना होने की वजह से उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिलता था।

‘मैं स्मिता पाटिल या शबाना जैसी खूबसूरत नहीं थी’-रत्ना

रत्ना पाठक शाह ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि ‘जब मैंने 80 के दशक में अपना करियर शुरू किया था, तब मुझे बड़ी उम्र की महिलाओं के रोल्स मिलते थे क्योंकि मैं स्मिता पाटिल या शबाना आजमी जैसी सुंदर नहीं थी।मैनें भी यह स्विकार कर लिया की मुझमें वो बात नहीं थी। मेरा चेहरा स्मिता या शबाना जैसा खास नहीं था। इसलिए डायरेक्टर्स को नहीं लगा कि मैं बाकी हीरोइनों की तरह कास्ट किए जाने के लायक हूं, और मुझे इस बात की कोई हैरानी भी नहीं है’

वहीं अपने करियर चॉइसेज के बारे में बात करते हुए रत्ना पाठक ने कहा कि ‘मुझे उन फिल्मों का हिस्सा बनना पसंद नहीं है, जहां सिर्फ एक सुपरस्टार पर फोकस किया जाता है। मुझे फेंड्स जैसे शोज या फिल्में पसंद हैं, जिसमें कोई एक स्टार नहीं होता।’

रत्ना पाठक का वर्कफ्रंट

बता दें कि रत्ना इस साल जनवरी में आई वेब सीरीज ‘ट्रायल बाई फायर’ में नजर आई थीं। इसके बाद वह ‘हैपी फैमिल, कंडीशन्स अप्लाई’ और ‘चार्ली चोपड़ा एंड द मिस्ट्री ऑफ सोलंग वैली’ में नजर आईं।

Anjali Dahiya

अंजलि दहिया पिछले 3 वर्षों से एक पैशनेट लाइफस्टाइल और बॉलीवुड कंटेंट राइटर हैं, जिनकी बीट लाइफस्टाइल, बॉलीवुड, ज्वेलरी, और फैशन है। वे सेलिब्रिटी न्यूज़, फिल्म फ़ीचर्स, फ़ैशन, वेलनेस और पॉप कल्चर से जुड़ी कहानियों में भी माहिर है, जो एंटरटेनमेंट को रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जोड़ती हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ कम्यूनिकेशन व कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट का डिप्लोमा की पढ़ाई की है।