इस समय प्रयागराज के माघ मेले की तैयारियां जोरों पर है। पूरा प्रशासन निर्देश के अनुसार माघ मेले की तैयारियों में लगी हुआ है। बता दें इस बार माघ मेले में बिजली की निर्बाध आपूर्ति का निर्देश दिया गया है। मेले में एक भी पल के लिए बिजली गुल नहीं होगी। बिजली विभाग रिंग मेन यूनिट यानी आरएमयू तकनीक का इस्तीमाल कर बिजली आपूर्ति करेगा।
- माघ मेले में होगा महाकुंभ की व्यवस्था का ट्रायल
- प्रयागराज के माघ मेले की तैयारियां जोरों पर
- मेले में बिजली की निर्बाध आपूर्ति का निर्देश दिया गया
आपको बता दें इसमें बिजली सप्लाई में किसी तरह की दिक्कत आने पर दूसरे ट्रांसमिशन से ऑटोमेटिक तौर पर सप्लाई शुरू हो जाएगी। इसके लिए मेले में 11 केवीए की रिंग मेन यूनिट स्थापित की जा रही है। मेला क्षेत्र में बनाए जा रहे 21 सब स्टेशन इस रिंग मेन यूनिट से जुड़े रहेंगे। प्रयोग सफल होने पर इसका उपयोग अगले साल महाकुंभ में भी किया जाएगा।
CM योगी ने माघ मेला की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की
इस बार 14 जनवरी से शुरू हो रहे माघ मेले का समापन 8 मार्च को महाशिवरात्रि पर होगा। इस बार के माघ मेले में 7 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है। महाकुंभ के ट्रायल के तौर पर इस बार के माघ मेले का आयोजन होगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) बीते दिनों प्रयागराज का दौरा किया था। तब उन्होंने उच्च अधिकारियों के साथ संगम तट पर महाकुंभ और माघ मेला की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की।
यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर घोषित किया
माघ मेला की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे महाकुंभ के पूर्वाभ्यास के तौर पर लें। 2019 के दिव्य और भव्य कुंभ को यूनेस्को ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर घोषित किया है। 2025 के महाकुंभ से दुनिया भर की अपेक्षाएं जुड़ी हुई हैं। संसार के समक्ष अपने को भारत के नए प्रतीक चिह्न के रूप में प्रस्तुत करने का यह एक स्वर्णिम अवसर है। आगामी कुंभ में दुनिया भारत की सांस्कृतिक वैभव देखगी।
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