Shilpa Shinde Confession: खुद माना ‘झूठा था हैरेसमेंट केस’, मेन्स राइट्स विंग ने की Arrest की मांग,आखिर क्यों खामोश हैं Producer?

Shilpa Shinde Confession

Shilpa Shinde Confession: टीवी की चहेती ‘अंगूरी भाभी’ यानी शिल्पा शिंदे इस समय अपनी जिंदगी के सबसे बड़े तूफान में घिर चुकी हैं। हाल ही में भारती सिंह के पॉडकास्ट में शिल्पा ने जो सच उगला है, उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। शिल्पा ने कैमरे के सामने यह कबूल कर लिया कि 11 साल पहले सीरियल ‘भाभीजी घर पर हैं’ के प्रोड्यूसर संजय कोहली पर लगाया गया सेक्शुअल हैरेसमेंट (यौन उत्पीड़न) का आरोप पूरी तरह से झूठा था।

शिल्पा शिंदे ने बताया कि उन्होंने यह कदम सिर्फ अपने फंसे हुए बकाया पैसे वापस पाने की मजबूरी में उठाया था। उनके इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद अब सोशल मीडिया पर भारी हंगामा मच गया है। लोग बेहद नाराज हैं और कह रहे हैं कि यह कानून का मजाक उड़ाना है। जनता का मानना है कि ऐसी हरकतों की वजह से उन असली पीड़ित महिलाओं का अपमान होता है जो सचमुच टॉर्चर झेलती हैं।

इस बीच, पुरुषों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्थाओं (Men’s Rights NGO) ने मुंबई पुलिस से अपील की है कि शिल्पा शिंदे को इस झूठ के लिए तुरंत गिरफ्तार किया जाए। आइए जानते हैं इस पूरे मामले की इनसाइड स्टोरी कि आखिर शिल्पा को अब तक पुलिस ने क्यों नहीं पकड़ा और पीड़ित प्रोड्यूसर इस पर चुप क्यों हैं।

Shilpa Shinde Confession: गुनाह कबूलने के बाद भी शिल्पा शिंदे की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?

Shilpa Shinde Confession
Shilpa Shinde Confession ( Source : Social Media)

जैसे ही शिल्पा शिंदे का यह वीडियो सामने आया, पुरुषों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्थाओं (NGO) और सोशल मीडिया पर आम जनता ने एक्ट्रेस का भारी विरोध करना शुरू कर दिया। देश में झूठे केस दर्ज कराने के खिलाफ सख्त कानूनों की मांग तेज हो गई है। लोग पूछ रहे हैं कि जब खुद आरोपी ने अपना जुर्म मान लिया है, तो पुलिस उन्हें जेल क्यों नहीं भेज रही?

कानूनी जानकारों के मुताबिक, किसी भी मामले में सिर्फ सोशल मीडिया या पॉडकास्ट पर दिए गए बयान (Confession) के आधार पर पुलिस सीधे जाकर किसी को अरेस्ट नहीं कर सकती। कानून की अपनी एक तय प्रोसेस होती है। सबसे पहले इस मामले में पीड़ित पक्ष यानी प्रोड्यूसर संजय कोहली या किसी सोशल ऑर्गेनाइजेशन को पुलिस में शिल्पा के खिलाफ ‘झूठी गवाही देने’, ‘मानहानि करने’ और ‘साजिश रचने’ की लिखित शिकायत (FIR) दर्ज करानी होगी।

इसके बाद पुलिस मामले की शुरुआती जांच करेगी, शिल्पा का ऑफिशियल स्टेटमेंट दर्ज करेगी और फिर कोर्ट से वारंट मिलने के बाद ही गिरफ्तारी संभव होगी। चूंकि अभी तक इस मामले में कोई नई ऑफिशियल शिकायत दर्ज नहीं हुई है, इसलिए शिल्पा शिंदे फिलहाल पुलिस कार्रवाई से बची हुई हैं।

Shilpa Shinde False Case: अब सोशल मीडिया पर भारी हंगामा और NGO की गिरफ्तारी की मांग

Shilpa Shinde False Case
Shilpa Shinde False Case ( Source : Social Media) 

आम यूजर्स से लेकर टीवी के कई हस्तियों और दर्शकों का साफ मानना है कि ऐसे झूठे आरोप समाज में असली पीड़ितों की रिलायबिलिटी को बहुत कमजोर करते हैं। लोगों का कहना है कि जब कोई सेलिब्रिटी ऐसा कदम उठाता है, तो आम महिलाओं की लड़ाई पर भी लोग शक करने लगते हैं।

इस बीच, पुरुषों के अधिकारों के लिए लड़ने वाली संस्थाओं ने इस मामले को बेहद सीरियस से लिया है। ‘एनसीएम इंडिया’ (NCM India) जैसे बड़े मेन्स राइट्स एनजीओ ने मुंबई पुलिस को बकायदा एक ऑफिसियल लेटर लिखा है। इस पत्र में उन्होंने मांग की है कि शिल्पा शिंदे ने कानून का दुरुपयोग करके एक निर्दोष पुरुष का करियर और इज्जत दांव पर लगाई है। इसलिए मुंबई पुलिस को यौन उत्पीड़न का झूठा मामला दर्ज करने और साजिश रचने के आरोप में शिल्पा के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए और उन्हें विदाउट डिले गिरफ्तार करना चाहिए।

Shilpa Shinde News: 11 साल तक जिल्लत झेलने वाले प्रोड्यूसर संजय कोहली क्यों साधे हुए हैं चुप्पी?

Shilpa Shinde News
Shilpa Shinde News ( Source : Social Media)

इस पूरी कहानी का दूसरा सबसे बड़ा पहलू यह है कि जिस प्रोड्यूसर संजय कोहली ने पिछले 11 सालों से समाज में बदनामी झेली, जिनके परिवार को मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, वो आज अपनी बेगुनाही साबित होने के बाद भी पूरी तरह खामोश हैं। उनकी तरफ से मीडिया में अब तक कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट या फीडबैक सामने नहीं आई है।

अंदरूनी सूत्रों की मानें तो संजय कोहली और उनके करीबी इस समय कानूनी सलाह ले रहे हैं। 11 साल पुराना यह जख्म अब शिल्पा के कबूलनामे से फिर हरा हो गया है। मुमकिन है कि संजय कोहली जल्दबाजी में कोई बयान देकर इस मामले को सिर्फ मीडिया का तमाशा नहीं बनाना चाहते।

वह सीधे कानून के जरिए शिल्पा को कोर्ट में घसीटने की तैयारी कर रहे हैं ताकि उन्हें उनकी झूठी साज़िश की पूरी सजा मिल सके। दूसरी वजह यह भी मानी जा रही है कि इतने सालों के मानसिक तनाव के बाद अब वह इस विवाद से दूरी बनाए रखना चाहते हैं और शांति से अपने वकीलों के साथ अगला कदम तय कर रहे हैं। कानून की नजर में समानता दिखाने के लिए यह बेहद जरूरी है कि मुंबई पुलिस इस मामले का खुद संज्ञान (Suo Moto) लेकर जांच आगे बढ़ाए, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि झूठे केस करने वाले भी बच नहीं सकते।

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