मुंबई : स्कूली पोशाक उत्पादन उद्योग काफी तेजी से बढ़ रहा है। इसका आकार वित्त वर्ष 2016-17 के 18 हजार करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर वित्त वर्ष 2021-22 में 25 हजार करोड़ रुपये हो जाने का अनुमान है। सोलापुर रेडीमेड इंडस्ट्री एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नीलेश शाह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘शिक्षा के प्रति देश में बढ़ती जागरूकता के कारण स्कूली पोशाक उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और हम इसे मौजूदा 18 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2022 तक 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।’’
उन्होंने बताया कि मौजूदा 18 हजार करोड़ रुपये में से 10 हजार करोड़ रुपये का योगदान संगठित क्षेत्र का है और शेष असंगठित क्षेत्र का। शाह ने कहा कि महाराष्ट्र का सोलापुर जिला इस उद्योग का केंद्र बन गया है। शहर में 2022 तक दो हजार नयी इकाइयां शुरू करने की योजना है। शाह ने परिवहन, श्रम व कच्चे माल की आसान उपलब्धता का जिक्र करते हुए कहा कि शहर में अभी एक हजार से अधिक इकाइयां परिचालन में हैं। एसोसिएशन व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सोलापुर में 27-29 जनवरी के दौरान एक प्रदर्शनी आयोजित करने वाला है।
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