मुख्य आर्थिक सलाहकार के.वी.सुब्रमण्यम ने शुक्रवार को कहा कि देश में आर्थिक नरमी अपने निचले स्तर को प्राप्त कर चुकी है और अगले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर के बढ़कर छह से 6.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। राष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान (एनएसओ) के अग्रिम अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर के 11 साल के निचले स्तर पर पांच प्रतिशत रह सकती है।
सुब्रमण्यम की अगुवाई वाली टीम के द्वारा तैयार आर्थिक समीक्षा 2019-20 में अगले वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 6-6.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा समीक्षा रपट को संसद में पेश किए जाने के बाद सुब्रमण्यम ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में जितनी सुस्ती आ सकती थी, वह आ चुकी है। अब यहां से इसमें तेजी देखने को मिलेगी।
BJP ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए जारी किया अपना घोषणापत्र
उन्होंने कहा, हमारी भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी है, इसका एक कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था का 2019 में धीमा होना है। 2008-12 के दौरान बहुत अधिक उधार लेने वाली फर्मों ने 2013-17 के दौरान कम निवेश किया। 2017 के बाद से आर्थिक मंदी 2013 के बाद से कम निवेश के प्रभाव के कारण हुई, जो क्रेडिट बूम-बस्ट की वजह से हुई।


Download Android App
Download iOS App



