कांग्रेस ने शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके पांच साल के कार्यकाल में बैंकिंग प्रणाली तार-तार हो गयी तथा जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले कर्जदारों की संख्या दोगुनी हो गयी। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘सूट बूट और लूट की सरकार ! विलफुल डिफॉल्टर्स (जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले कर्जदारों) की संख्या हुई पांच सालों में दोगुनी!’’
उन्होंने कहा, ‘‘5,090 कर्ज़दार बढ़कर 11,000 कर्ज़दार हो गए।’’
सुरजेवाला ने कहा कि उनके कर्ज में 308% का उछाल आया। उन्होंने अपने ट्वीट में दावा किया कि मोदी सरकार की विदाई के समय यह राशि बढ़कर 1,21,700 करोड़ रूपये हो गयी। विपक्षी कांग्रेस ने 28 अप्रैल को मांग की थी कि बीजेपी नीत केंद्र सरकार रिज़र्व बैंक को उन कर्जदारों की सूची का खुलासा करने का निर्देश दे जिन्होंने जानबूझकर कर्ज नहीं लौटाया है।
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विपक्षी दल का आरोप था कि सरकार अपने ‘‘सांठगांठ वाले पूंजीवादी मित्रों’’ की सुरक्षा के लिए ऐसा नहीं कर रही है। पार्टी का यह भी सवाल था कि केंद्र बैंकों की वार्षिक निरीक्षण रिपोर्ट की जानकारी का खुलासा करने के लिए रिजर्व बैंक को एक पंक्ति का निर्देश क्यों जारी नहीं कर रही है। कांग्रेस की टिप्पणी के पहले 26 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने बैंकिंग नियामक को सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत इन ब्यौरों का खुलासा करने के लिए ‘अंतिम अवसर’ दिया था।


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