नई दिल्ली : उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने मंगलवार को एफएमसीजी उद्योग से आग्रह किया कि वे अपने उत्पादों के लेबलिंग के लिए उपभोक्ताओं के हित में स्वेच्छा से हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं को अपनाएं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने उद्योग जगत को उपभोक्ताओं के हित में मंत्रालय के साथ मिलकर काम करने को कहा। उन्होंने कहा, भारत में कई भाषाएं बोली जाती हैं।
हम अकेले हिंदी को बढ़ावा नहीं दे सकते हैं। उद्योग को हिंदी और क्षेत्र में व्यापक इस्तेमाल के आधार पर क्षेत्रीय भाषाओं में लेबलिंग करनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि चीन, जापान और यूरोपीय संघ जैसे देशों में, लेबल वहां की भाषाओं में मुद्रित होते हैं। मंत्री ने कहा कि ‘भारत में अंग्रेजी का इस्तेमाल जारी है जैसे कि हमारी अपनी भाषा है ही नहीं। राम विलास पासवान ने कहा, पानी की बोतल के मामले में, आप हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में लेबल पर सभी विवरण प्रिंट नहीं कर पाएंगे, लेकिन कम से कम, आप ब्रांड नाम प्रिंट कर सकते हैं।
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उन्होंने स्थानीय भाषा में लेबलिंग करने के लिए बिस्लेरी कंपनी की सराहना की। सरकार द्वारा इसे अनिवार्य बनाने की बात से इनकार करते हुए उन्होंने कहा, उद्योग को स्वेच्छा से इसे अपनाने दें। उन्होंने आगे कहा कि कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं के लिए जारी नोटिस भी स्थानीय भाषाओं में होने चाहिए।


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