नई दिल्ली : देश की आर्थिक वृद्धि दर अप्रैल-जून अवधि में तेज बनी रह सकती है। इसके इस वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि करने का अनुमान है। मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में यह बात कही गयी है। मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि वृद्धि में सुधार तेज रहने का अनुमान है और इसे शुरुआत में उपभोग एवं निर्यात से मदद मिलेगी। जनवरी-मार्च तिमाही में देश की वृद्धि दर पिछली सात तिमाहियों में सर्वश्रेष्ठ स्तर पर यानी 7.7 प्रतिशत थी।
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उसने कहा कि हमारा अनुमान है कि इस वित्त वर्ष में जीडीपी पिछले वित्त वर्ष की 6.7 प्रतिशत की दर की तुलना में 7.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगी। उसने कहा कि मुद्रास्फीति और चालू खाता घाटा जैसे वृहद आर्थिक कारक नियंत्रण में रहने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति चार प्रतिशत के लक्ष्य से कुछ ऊपर और चालू खाता घाटा जीडीपी के 2.5 प्रतिशत से नीचे रहने का अनुमान है।


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