हैदराबाद: प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) टी वी मोहनदास पई ने कहा कि कतिपय सूचनाओं को सार्वजनिक करने के मामले में कंपनी का निपटान के लिए बाजार विनियामक से संपर्क करने से यह साबित हुआ है कि इसके पूर्व चेयरमैन और सहसंस्थापक एन आर नारायणमूर्ति का सोचना सही था। पई ने कहा है कि कंपनी को उनसे (नारायणमूर्ति से) माफी मांगनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि कि इन्फोसिस ने अपने पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) राजीव बंसल के फर्म से नाता तोड़ने संबंधी भुगतान समझौते को लेकर सूचना प्रकाशन संबंधी नियमों में बरती गई कथित खामियों के मामले में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष निपटान अपील दायर की है। पई के अनुसार यह अच्छा है कि इन्फोसिस ने पूर्व सीएफओ बंसल से समझौता तोड़ने के मामले से जुड़े मुद्दों के निपटान के लिए सेबी के यहां आवेदन किया है।
पई ने कहा, यह पूर्व सीएफओ बंसल के संबंध में कारपोरेट गवर्नेंस संचालन व खुलासों के अभाव के बारे में नारायण मूर्ति के रुख की पूरी तरह से साबित करता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले कंपनी के बोर्ड से इसे छुपाने ढांकने की कोशिश की। इसके साथ ही पई ने कहा कि कंपनी ने इस मामले में अपने सह संस्थापक नारायण मूर्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई। उसे उनसे माफी मांगनी चाहिए। बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में इन्फोसिस ने कहा है कि वह सीएफओ निपटान प्रक्रिया में अलग से नामांकन एवं पारिश्रमिक से संबंधित समिति और आडिट समिति से मंजूरी नहीं लेने के आरोपों का निपटारा करना चाहती है।
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