Stock Market Today 02 June 2026: पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच नकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
इस दौरान, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में व्यवधान के संकेतों और कमजोर मानसून की आशंकाओं के कारण घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स 322 अंकों यानी 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,945.20 पर खुला। तो वहीं, एनएसई निफ्टी50 153.45 अंक यानी 0.65 प्रतिशत टूटकर 23,229.15 पर खुला।
खबर लिखे जाने तक (सुबह 9:18 बजे के करीब) निफ्टी50 134.30 अंक या 0.57 प्रतिशत गिरकर 23,259.70 पर था, तो वहीं सेंसेक्स 437.97 अंक या 0.59 प्रतिशत गिरकर 73,829.37 पर कारोबार कर रहा था।
Mid Cap And Small Cap Today: स्मॉलकैप में गिरावट
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक क्रमशः 0.95 प्रतिशत और 0.96 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
Top Gainers And Top Losers: शेयरों में गिरावट

वहीं, सेक्टरवार देखें तो शुरुआती कारोबार में अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए। निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी केमिकल्स में करीब 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा प्राइवेट बैंक, पीएसयू बैंक, सीमेंट और मीडिया सेक्टर के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला।
हालांकि, आईटी सेक्टर ने बाजार को कुछ राहत दी। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा, जिससे टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी रही। निफ्टी मेटल ने भी बेहतर प्रदर्शन किया।
निफ्टी50 इंडेक्स में बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, मैक्स हेल्थ, इटरनल, एचडीएफसी लाइफ, पावरग्रिड और श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। जबकि इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और हिंडाल्को के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली।
वहीं, बाजार में उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया वीआईएक्स इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक गिरकर 16 के स्तर पर आ गया, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत में गिरावट
कमोडिटी बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.67 प्रतिशत गिरकर 94.34 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 91.46 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया।
Experts on Stock Market: एक्सपर्ट्स ने क्या बताया?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और कमजोर मानसून की आशंकाएं निवेशकों के भरोसे को प्रभावित कर रही हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी ताजा अनुमान के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य से केवल 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो इसका असर कृषि उत्पादन, ग्रामीण मांग और महंगाई पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट का समाधान और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बाजार के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं होने से निवेशकों की चिंता बनी हुई है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा अस्थिर माहौल में निवेशकों को घबराने की बजाय मजबूत बुनियादी कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही अपने जोखिम उठाने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार निवेश रणनीति बनाए रखना जरूरी है।
मौसम विभाग ने इस बार पिछले 11 वर्षों का सबसे कमजोर मानसून रहने की संभावना जताई है। इससे कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यही वजह है कि कृषि और ग्रामीण मांग से जुड़े शेयरों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है।


Download Android App
Download iOS App




