छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर-7, परशुराम चौक में एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ किराए के मकान में रहती है। जब उसके बच्चे स्कूल गए हुए थे, तब उसने फांसी लगाकर सुसाइड करने की कोशिश की, लेकिन अचानक फंदा टूटने से वह नीचे गिर गई। थोड़ी देर बाद जब बच्चे स्कूल से लौटे, तो उन्होंने अपनी मां को गंभीर हालत में जमीन पर पड़े देखा। उन्होंने तुरंत मकान मालिक को इसकी खबर दी। इसके बाद पुलिस को इस घटना की सूचना दी गई।
2 घंटे बाद जिंदा मिली महिला
पुलिस जब जांच के लिए पहुंची, तो उन्होंने महिला को मृत समझकर कमरे में ताला लगाया और चली गई। इसके बाद जब पुलिस करीब 2 घंटे बाद महिला कांस्टेबल के साथ वहां पहुंची और देखा कि महिला जिंदा है, तो उनके होश उड़ गए। महिला की सांसें चल रही थी और वह जिंदा थी। इसके बाद महिला को निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां गंभीरता को देखते हुए उसे जिला अस्पताल में रेफर किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने महिला से जांच नहीं की और उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस कमरे में ताला लगाकर चली गई और कहते हुए गए कि पंचनामा के लिए बाद में आएंगे।
स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लगाए आरोप
फिलहाल घायल महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। लेकिन इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति भारी गुस्सा है, क्योंकि उनका मानना है कि अगर पुलिस समय रहते महिला को अस्पताल पहुंचा देती, तो उसकी हालत इतनी गंभीर नहीं होती। उधर, एसडीओपी (SDOP) भूषण इक्का का कहना है कि इस मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि महिला का सुसाइड करने के पीछे क्या कारण था।



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