नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब और हरियाणा में जलती पराली के बढ़ते मामलों पर फिर से केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को घेरा है। आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता आतिशी और राघव चड्ढा ने रविवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जावड़ेकर से पांच सवाल पूछे हैं। आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता आतिशी ने कहा कि आज आम आदमी पार्टी की तरफ से मैं केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जावड़ेकर से कहती चाहती हैं कि देश के पर्यावरण मंत्री होने के नाते यह उनकी जिम्मेदारी है कि हम लोगों को इस सवाल का जवाब दें कि उनकी सरकार प्रदूषित हवा का मुकाबला करने के लिए कैसे काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि हम सभी इस तथ्य से अवगत हैं कि प्रदूषण आपातकालीन स्तर पर पहुंच गया है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और ओडिशा में घना स्मॉग देखा जा रहा है। आप के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली गंभीर वायु प्रदूषण से जूझ रही है। इसके पीछे का कारण पड़ोस के राज्यों में जलती हुई पराली है। इस बात का दावा केवल आम आदमी पार्टी नहीं बल्कि कई अन्य संस्थान भी कर रहे हैं। सबसे पहले सफर ने कहा है कि इस साल दिल्ली के प्रदूषण का 46 फीसद पराली जलने के कारण है।
वहीं एक प्रतिष्ठित स्वायत्त एजेंसी ने कहा है कि दिल्ली का लगभग 70 फीसद प्रदूषण पराली जलने के कारण हो रहा है। यही नहीं खुद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दिए अपने हलफनामे में इस वायु प्रदूषण के पीछे सबसे प्रमुख कारणों में से एक के रूप में जलती हुई पराली को स्वीकार किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने खुद स्वीकार किया है कि दिल्ली के प्रदूषण में जलती पराली एक बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठी है।
आप के पांच सवाल
1. केंद्र सरकार ने पंजाब और हरियाणा में जल रही पराली को रोकने के लिए क्या किया है? केंद्र सरकार द्वारा दायर किए गए हलफनामे के अनुसार यह पता चलता है कि उन्होंने केवल 63 हजार मशीनें किसानों को एक विकल्प के रूप में वितरित कीं, जबकि किसानों की कुल संख्या लगभग 22 लाख है।
2. पिछले 5 महीनों में केंद्र सरकार ने वायु प्रदूषण के मुद्दे पर एनसीआर के सभी पर्यावरण मंत्री के साथ कोई बहुस्तरीय बैठक क्यों नहीं बुलाई?
3. नासा के उपग्रह चित्रों के आधार पर सभी उत्तर भारतीय राज्य घने स्मॉग की चपेट में हैं। वायु-गुणवत्ता आपातकालीन स्तर पर पहुंच गई है। पिछले पांच दिनों में केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर उत्तर भारतीय राज्यों के सभी पर्यावरण मंत्रियों की कोई आपात बैठक क्यों नहीं बुलाई?
4. केंद्र सरकार उत्तर भारतीय राज्यों के सभी पर्यावरण मंत्रियों के साथ एक आपातकालीन बैठक कब बुलाएगी?
5. इस वर्ष हम सबने भारी प्रदूषण देखा है, इसलिए अगले वर्ष के लिए केंद्र सरकार की पंजाब और हरियाणा में जल रही पराली का मुकाबला करने के लिए समयबद्ध योजना क्या है?


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