पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के किसानों और कुछ किसान संगठनों ने अपनी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी की मांग को लेकर 13 फरवरी को दिल्ली मार्च करने की योजना बनाई है। आप के दिल्ली संयोजक गोपाल राय ने आरोप लगाया कि मंगलवार को किसानों के दिल्ली मार्च को रोकने के लिए हरियाणा सरकार उनके साथ क्रूर व्यवहार कर रही है।
- किसान तीन कानूनों के खिलाफ
- सरकार बातचीत का नाटक
- पुलिस संपत्ति के कागजात इकट्ठा कर रही
भारत-पाकिस्तान सीमा
उन्होंने कहा कि किसान दिल्ली आना चाहते हैं लेकिन उन्हें रोकने के लिए सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि शायद इतनी मजबूत दीवार भारत-पाकिस्तान सीमा पर भी नहीं बनी है। राय ने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि क्या पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के किसान भारत के किसान हैं या नहीं। उन्होंने कहा, “आखिर हरियाणा सरकार के सामने ऐसी क्या मजबूरी है कि वह आज किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए सारी हदें पार कर रही है।
किसान तीन कानूनों के खिलाफ
आप नेता ने कहा कि देश को याद है कि पिछली बार जब किसान तीन कानूनों के खिलाफ दिल्ली की ओर बढ़े थे तो उन्हें सीमा पर रोक दिया गया था। यह आंदोलन एक वर्ष से अधिक समय तक जारी रहा, उन्हें कड़ाके की सर्दी सहनी पड़ी और सड़कों पर चिलचिलाती गर्मी और बारिश का सामना करना पड़ा।
सरकार बातचीत का नाटक
आप ने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार बातचीत का नाटक कर रही है और दूसरी तरफ हरियाणा के हर गांव में पुलिस भेजी जा रही है, पासपोर्ट जब्त करने की धमकी दी जा रही है, किसानों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए जा रहे हैं और पुलिस संपत्ति के कागजात इकट्ठा कर रही है।


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