देश के युवाओं का संघर्ष रंग लाया और आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा- केजरीवाल

Summary :

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत' बताया है। उन्होंने इस जीत का श्रेय देश के युवाओं के संघर्ष को दिया और कहा कि उनका संघर्ष रंग लाया।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर देश के लोगों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत है। देश के युवाओं का संघर्ष रंग लाया और अंततः धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ा।

उन्होंने कहा कि देश के लोगों का जनतंत्र से भरोसा उठा गया था। सरकारें लोगों की बात सुनती ही नहीं थीं। लेकिन अब सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि यह लोकतंत्र है और लोकतंत्र में सरकार को जनता की बात सुननी ही पड़ेगी। देश के लोगों को उम्मीद है कि सरकार परीक्षा सिस्टम में सुधार कर फिर कभी पेपर लीक नहीं होने देगी और हमारे बच्चों को कभी आत्महत्या नहीं करनी पड़ेगी।

केजरीवाल बोले- ‘यह जनता और युवाओं की जीत’

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश के युवाओं और जेन-जी को बहुत-बहुत बधाई। यह बहुत खुशी की बात है कि आप लोगों का संघर्ष रंग लाया और आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। यह पूरे लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। हमारे देश में लोगों का जनतंत्र से भरोसा ही उठ गया था और लोगों को लगने लगा था कि सरकारें सुनती ही नहीं हैं। जनता सरकारों के सामने चिल्लाती, गिड़गिड़ाती रहती थी। हर बात के लिए हम सरकार के आगे हाथ जोड़ते रहते थे, पैर पकड़ते थे, लेकिन सरकारें कभी सुनती नहीं थीं।

“उम्मीद करता हूं सरकार अब नीट के पूरे सिस्टम को ठीक करेगी”

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इतना बड़ा संघर्ष हुआ और अंततः सरकार के अहंकार को जनता के सामने झुकना ही पड़ा। यह बहुत बड़ी जीत है, यह पूरे जनतंत्र और लोकतंत्र की जीत है। सरकार को भी अब समझ लेना चाहिए कि आपको जनता की बात सुननी ही पड़ेगी, क्योंकि यह लोकतंत्र है। लोकतंत्र जनता का, जनता द्वारा और जनता के लिए होता है। उन्होंने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार अब नीट के पूरे सिस्टम को ठीक करेगी ताकि इस देश के अंदर आगे से पेपर लीक होना बंद हो जाए और हमारे बच्चों को फिर कभी आत्महत्या न करनी पड़े।

Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।