Chhattisgarh Sadan Canteen Operator: दिल्ली से एक चौंकाने वाला किडनैप और मर्डर का मामला सामने आया है। जिसने सबको चौंकने पर मजबूर कर दिया है। लेकिन द्वारका जिले की एंटी नारकोटिक्स सेल ने गुमशुदगी की शिकायत की जांच करते हुए इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझा लिया है। पुलिस ने एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। नीचे पूरे मामले को आसान भाषा में विस्तार से समझिए।
Chhattisgarh Sadan Canteen Operator: गुमशुदगी से शुरू हुई जांच

मृतक की पहचान 48 वर्षीय अनरूप गुप्ता के रूप में हुई, जो द्वारका सेक्टर-13 स्थित छत्तीसगढ़ सदन में कैंटीन चलाते थे। वह सेक्टर-14 के राधिका अपार्टमेंट में अकेले रहते थे और परिवार से अलग रह रहे थे। 23 फरवरी 2026 को उनके भाई ने थाना द्वारका नॉर्थ में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि अनरूप 18 फरवरी से लापता हैं और उनकी सफेद रंग की किआ सेल्टोस कार भी गायब है। परिवार ने किसी दुश्मनी की बात से इनकार किया, लेकिन पुलिस को पता चला कि अनरूप सोने की अंगूठियां और ब्रेसलेट पहनते थे। यही जानकारी आगे चलकर हत्या की वजह बनी।
Honey Trap Conspiracy: तकनीकी जांच से मिला पहला सुराग

डीसीपी के निर्देश पर एंटी नारकोटिक्स सेल की विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल दोनों तरह की जांच शुरू की। एनएचएआई से मिली जानकारी के अनुसार 19 और 20 फरवरी की रात अनरूप की कार यमुना एक्सप्रेसवे पर देखी गई थी। टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज कई दिनों तक खंगालने पर कार वृंदावन की तरफ जाती और फिर नोएडा की ओर लौटती दिखाई दी। इससे पुलिस को शक गहरा गया।
सीसीटीवी और कॉल डिटेल से खुला राज

छत्तीसगढ़ सदन के सीसीटीवी में 18 फरवरी को अनरूप अपनी कार खड़ी कर बाइक से जाते दिखाई दिए। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच में पता चला कि वह एक रैपिडो बाइक से मटियाला एक्सटेंशन पहुंचे थे। वह एक मकान में जाते दिखे, लेकिन बाहर निकलते नजर नहीं आए। बाद में चार अन्य लोग भी उसी घर में जाते दिखाई दिए। अगले दिन वही कार मकान के बेसमेंट से निकलकर एक्सप्रेसवे की ओर जाती देखी गई।
Matiala Extension Crime scene: पार्टी के बहाने रची गई साजिश
जांच के दौरान एक स्कूटी की पहचान हुई, जो हैप्पी उर्फ सूरज के नाम पर थी। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरी साजिश सामने आ गई। हैप्पी करीब एक साल पहले कैंटीन में अनरूप के संपर्क में आया था। उसने देखा कि अनरूप सोने के गहने पहनते हैं और अकेले रहते हैं। लालच में आकर उसने अपने साथियों भूपेंद्र, बलराम, नीरज और अपनी लिव-इन पार्टनर राखी के साथ लूट की योजना बनाई। 18 फरवरी को अनरूप को पार्टी के बहाने घर बुलाया गया।
Yamuna River Body Disposal: हत्या के बाद शव के किए टुकड़े
घर पहुंचते ही आरोपियों ने अनरूप को बांधकर पीटा और कार की चाबी छीन ली। कार से सोने के गहने निकालने के बाद उन्होंने पैसों की मांग की। विरोध करने पर आरोपियों ने डंडों से हमला किया और चाकू मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए बड़े चाकू से टुकड़े किए गए। शव के हिस्सों को तीन प्लास्टिक बैग में पैक किया गया और घर की सफाई कर सबूत मिटाने की कोशिश की गई।
पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
आरोपियों ने अनरूप का मोबाइल बंद नहीं किया बल्कि कार में रख दिया ताकि लोकेशन बदलती रहे। मोबाइल से स्टाफ और परिवार को मैसेज भेजकर बताया गया कि वह गोवा घूमने गए हैं। इसके बाद आरोपी कार से शव के टुकड़े यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते वृंदावन ले गए और यमुना नदी में फेंक दिए।
चार आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
दिल्ली पुलिस की सूचना पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने मथुरा में तलाशी अभियान चलाकर तीनों बैग बरामद किए। सबूतों के आधार पर मामला दर्ज कर पुलिस ने हैप्पी, भूपेंद्र, बलराम और राखी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी नीरज अभी फरार है। पुलिस के अनुसार यह पूरी वारदात लालच और विश्वासघात का नतीजा है, जहां दोस्ती का फायदा उठाकर सुनियोजित तरीके से हत्या की गई।





















